गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले में एक युवती की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिस युवती का शव रेलवे पटरी के पास मिला था, उसकी मौत को शुरुआत में दुर्घटना माना जा रहा था। हालांकि, जांच आगे बढ़ने पर मामला हत्या का निकला। पुलिस ने हत्या के आरोप में एक व्यक्ति और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी प्रेमिका की हत्या करने के बाद शव को बोरे में भरकर रेलवे पटरी के पास फेंक दिया था। मामले में जम्मू से आया एक फोन भी अहम कड़ी साबित हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरिया थाना क्षेत्र के बन्धखारो निवासी बिनोद मंडल और उसकी पत्नी सविता देवी के रूप में हुई है। सरिया-बगोदर के एसडीपीओ धनंजय राम ने दोनों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
20 सितंबर को रेलवे पटरी के पास मिला था शव
पुलिस के मुताबिक, 20 सितंबर को चिचाकी रेलवे स्टेशन के पास पोल संख्या 335/31 के नजदीक एक अज्ञात महिला का शव मिला था। शव रेलवे पटरी के समीप पड़ा था। इस मामले में गोमो रेल थाना में यूडी कांड दर्ज किया गया। शुरुआती जांच के दौरान मृतका के परिजनों ने भी घटना पर संदेह जताया था।
इसके बाद रेल पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला बगोदर थाना भेज दिया। बगोदर थाना में 27 अक्टूबर को कांड संख्या 205/26 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह के एसपी डॉ. बिमल कुमार ने विशेष जांच टीम का गठन किया।
जांच के दौरान मृतका की पहचान सरिया थाना क्षेत्र के कपिलो निवासी नागेश्वर शर्मा की पुत्री लक्ष्मी कुमारी के रूप में हुई। इसके बाद सरिया-बगोदर एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।
पढ़ाई के लिए डेढ़ लाख रुपये मांगने का मामला
एसडीपीओ के अनुसार, जांच में पता चला कि चिचाकी रेलवे स्टेशन पर अनुबंध के आधार पर टिकट काटने का काम करने वाले बिनोद मंडल की मुलाकात करीब पांच से सात साल पहले लक्ष्मी कुमारी से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और प्रेम संबंध स्थापित हो गया।
पुलिस के मुताबिक, बिनोद लक्ष्मी की पढ़ाई, खानपान और परीक्षा से संबंधित खर्च उठाता था। वर्ष 2026 में अप्रैल से अगस्त के बीच लक्ष्मी ने गुजरात सेंट्रल यूनिवर्सिटी और इग्नू में पीजी की पढ़ाई के लिए नामांकन का आवेदन किया था। इन प्रक्रियाओं के भुगतान में भी बिनोद ने पैसे दिए थे।
हालांकि, लक्ष्मी के नामांकन की ऑनलाइन प्रक्रिया रद्द हो गई। इसके बाद वह आंध्र प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी में दाखिले की तैयारी करने लगी। पुलिस के अनुसार, इसके लिए उसे करीब डेढ़ लाख रुपये की जरूरत थी। घर से पैसे नहीं मिलने पर लक्ष्मी ने बिनोद से रकम मांगी। पुलिस का दावा है कि इसी पैसे को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था।
सुनसान कमरे में हत्या करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर को बिनोद ने लक्ष्मी को दोदलों बुलाया। वहां से वह उसे बाइक पर बैठाकर एक सुनसान कमरे में ले गया। आरोप है कि बिनोद ने लक्ष्मी को भरोसे में लिया और उसके साथ कमरे में सो गया। रात में उसने कथित तौर पर अपने पैरों से लक्ष्मी का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद बिनोद ने अपनी पत्नी सविता देवी के साथ मिलकर शव को एक सफेद बोरे में भरा। इसके बाद शव को मोटरसाइकिल पर लादकर रेलवे पटरी के पास फेंक दिया, ताकि मामला दुर्घटना जैसा लगे।
लक्ष्मी के मोबाइल से भेजा गया संदेश
पुलिस के अनुसार, मामले को भटकाने के लिए आरोपी ने लक्ष्मी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। 19 सितंबर की शाम लक्ष्मी को बुलाने के बाद उसका मोबाइल बंद कर दिया गया था। हत्या और शव को पटरी के पास फेंकने के बाद मोबाइल चालू किया गया।
आरोप है कि लक्ष्मी के मोबाइल से उसके पिता और बिनोद के मोबाइल पर एक संदेश भेजा गया। संदेश में लिखा था कि वह कहीं जा रही है, अब वापस नहीं आएगी और उससे संपर्क करने की कोशिश न की जाए। पुलिस की जांच में इस संदेश को भी महत्वपूर्ण कड़ी माना गया।
जम्मू से आया फोन, जांच को मिली दिशा
पुलिस के मुताबिक, लक्ष्मी का मोबाइल फोन और बैग जम्मूतवी एक्सप्रेस में रख दिया गया था। कुछ दिनों बाद जम्मू से लक्ष्मी के मोबाइल फोन और बैग के मिलने की सूचना उसके परिजनों को दी गई। इस घटनाक्रम ने मामले की जांच में अहम भूमिका निभाई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव ले जाने में इस्तेमाल किया गया सफेद बोरा और पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की। इसके बाद बिनोद मंडल और उसकी पत्नी सविता देवी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर दुर्घटना समझे जा रहे इस मामले में जांच के बाद हत्या का खुलासा हुआ है।
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