JPSC परीक्षा में कथित धांधली का पूरा नेटवर्क आया सामने, CID ने खोले सिंडिकेट के राज

Anand Kumar
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झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में कथित धांधली को लेकर जांच कर रही सीआईडी ने कई चौकाने वाले खुलासे कर दिए हैं। जांच में परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास कराने एवं चयन दिलाने के नाम पर बड़े पैमानों पर पैसों के लेनदेन एवं एक संगठित सिंडिकेट के सक्रिय होने की बात सामने आ रही है।

जांच से जुड़े खुलासों के मुताबिक, जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा यानी पीटी में अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए करीब पांच लाख रुपये तक की मांग की जाती थी, जिसे फाइनल चयन कराने के नाम पर यह रकम बढ़कर 25 लाख रुपये तक भी पहुंच जाती थी। इस पूरे खेल में एक संगठित नेटवर्क के जरिए अभ्यर्थियों से संपर्क करने एवं रकम वसूलने के आरोप सामने आ रहे हैं। सीआईडी की जांच में अभय तिवारी समेत कई लोगों के नाम सामने आए, जिसमें आरोप है कि सिंडिकेट परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए अलग-अलग स्तर पर संपर्क एवं लेनदेन का इस्तेमाल किया जाता था।

मामले में ओएमआर शीट से कथित छेड़छाड़ एवं परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों की भी जांच की जा रही है। वहीं, जांच में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष पर भी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश किए जाने का आरोप सामने आया है, जिसके अलावा परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर आपत्ति जताने वाले एक अधिकारी को पद से भी हटाए जाने की बात सामने आई है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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