झारखंड में फर्जी दस्तावेजों के सहारे रजिस्ट्रेशन कर कारोबार करने वाले व्यापारियों को लेकर वाणिज्यकर विभाग की जांच में चौकाने वाला मामला सामने आ रहा है। विभाग की निगरानी शाखा की जांच में सामने आया है कि झारखंड में रजिस्टर्ड 74 व्यापारी करीब 500 करोड़ रुपये का कारोबार करने के बाद अपने ठिकानों से लापता हो चुके हैं। इनमें अधिकांश व्यापारी कोयला और छड़ स्क्रैप के कारोबार से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। वाणिज्यकर विभाग की इंटेलिजेंस और रेवेन्यू एनालिसिस यूनिट व्यापारिक आंकड़ों का विश्लेषण कर पांच करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले व्यापारियों की जांच में दायरे में लाती है।
अधिकारियों की कमी के कारण तय लक्ष्य के मुकाबले करीब 50 फीसदी व्यापारियों की ही जांच हो पाती है, जिससे वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 624 व्यापारियों को जांच के लिए चुनित किया गया था, जिनमें से 310 की जांच हो पाई थी। इस जांच के दौरान 41 व्यापारी प्रतिष्ठान अपने पते पर नहीं मिले थे। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 206 व्यापारियों को संदेह के दायरे में शामिल कर दिया गया है, जिनमें से 142 की जांच हो चुकी है, जबकि जांच के दौरान 33 व्यापारी अपने ठिकानों में नहीं मिल रहे हैं।