देवेंद्र नाथ महतो ने बदला Bio, JLKM उपाध्यक्ष का जिक्र हटाया; क्या जयराम महतो से अलग होगी राह?

Anand Kumar

रांची: झारखंड की राजनीति और छात्र आंदोलनों में सक्रिय रहे देवेंद्र नाथ महतो एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका कोई आंदोलन या राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि सोशल मीडिया Bio में किया गया बदलाव है। उनके Facebook और X अकाउंट पर अब उनकी पहचान पहले से अलग नजर आ रही है।

पहले देवेंद्र नाथ महतो के Bio में JLKM (झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा) के उपाध्यक्ष होने का जिक्र था। अब यह पदनाम हटा दिया गया है। Facebook पर उन्होंने अपना Bio “Social Worker with Student Leader” किया है, जबकि X पर “Social Leader and Social Reformer” लिखा है।

इस बदलाव के बाद राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगा है कि क्या देवेंद्र नाथ महतो अब अपनी पहचान को पार्टी पद से अलग करते हुए एक स्वतंत्र सामाजिक और छात्र नेता के तौर पर स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं? या फिर यह बदलाव भविष्य की किसी बड़ी राजनीतिक रणनीति का संकेत है?

भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा पर हैं देवेंद्र नाथ महतो

देवेंद्र नाथ महतो फिलहाल राज्यव्यापी ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ पर हैं। यह यात्रा करीब 15 दिनों से चल रही है और झारखंड के अलग-अलग जिलों तक पहुंच रही है।

JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन और लंबे अनशन के बाद देवेंद्र ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार, पारदर्शिता, पेपर लीक पर रोक और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा है।

यात्रा के दौरान वे अभ्यर्थियों और युवाओं से सीधे संवाद कर रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया Bio में पार्टी पदनाम हटाकर Social Worker, Student Leader, Social Leader और Social Reformer जैसे शब्दों को जगह देना राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Bio बदला या राजनीतिक पहचान?

किसी नेता का सोशल मीडिया Bio उसकी सार्वजनिक पहचान का छोटा लेकिन महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। खासकर ऐसे समय में जब कोई नेता लगातार जनता के बीच सक्रिय हो और किसी खास मुद्दे को लेकर अभियान चला रहा हो।

देवेंद्र नाथ महतो के मामले में भी पार्टी के पद से ज्यादा छात्र नेता और सामाजिक सुधारक की पहचान को सामने लाने की कोशिश दिखाई देती है।

इसके कई संभावित अर्थ हो सकते हैं।

पहला, देवेंद्र अपनी पहचान को JLKM के दायरे से बाहर व्यापक युवा और सामाजिक आंदोलन से जोड़ना चाहते हों।

दूसरा, भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के जरिए वे पूरे झारखंड के युवाओं और अभ्यर्थियों के बीच अपनी स्वतंत्र स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हों।

और तीसरा, भविष्य में अगर वे किसी अलग राजनीतिक या सामाजिक मंच की ओर बढ़ते हैं तो पार्टी पद से अलग बनाई गई पहचान उनके लिए उपयोगी हो सकती है।

हालांकि, इन संभावनाओं को फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो की ओर से किसी आधिकारिक घोषणा के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

क्या जयराम महतो से अलग हो रही है राह?

देवेंद्र नाथ महतो के Bio में बदलाव के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जयराम महतो के साथ उनके राजनीतिक रिश्ते को लेकर हो रही है।

जयराम महतो और देवेंद्र नाथ महतो लंबे समय से भाषा आंदोलन, खतियान और छात्र-युवा मुद्दों के साथ जुड़े रहे हैं। देवेंद्र ने 2024 का लोकसभा चुनाव रांची और विधानसभा चुनाव सिल्ली से JLKM के बैनर तले लड़ा था।

दोनों नेताओं की भूमिकाएं भी काफी हद तक अलग-अलग रही हैं। जयराम महतो जहां JLKM के प्रमुख राजनीतिक चेहरे और विधायक के तौर पर सक्रिय हैं, वहीं देवेंद्र नाथ महतो की पहचान मुख्य रूप से छात्र आंदोलन और युवा मुद्दों से बनी है।

हालांकि हाल में जयराम महतो की ओर से यह कहा गया था कि अगर देवेंद्र नाथ महतो भविष्य में अपनी पार्टी बनाकर उनसे बड़े नेता भी बनते हैं, तो उन्हें खुशी होगी और वे उन्हें शुभकामनाएं देंगे। वहीं देवेंद्र नाथ महतो ने भी जयराम महतो के साथ किसी विवाद से इनकार किया है।

ऐसे में फिलहाल दोनों के बीच राजनीतिक अलगाव की बात कहना जल्दबाजी होगी।

क्या देवेंद्र बना रहे हैं अपनी स्वतंत्र पहचान?

फिर भी सोशल मीडिया Bio में बदलाव और राज्यव्यापी भर्ती सुधार यात्रा को एक साथ देखा जाए तो यह जरूर लगता है कि देवेंद्र नाथ महतो अपनी सार्वजनिक पहचान को पार्टी पद से आगे ले जाने पर जोर दे रहे हैं।

उनका फोकस फिलहाल छात्र, युवा, भर्ती और रोजगार जैसे मुद्दों पर है। यही मुद्दे झारखंड की राजनीति में आने वाले समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

देवेंद्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वे आंदोलन की अपनी पहचान को किस तरह व्यापक राजनीतिक समर्थन में बदलते हैं। अगर भर्ती सुधार यात्रा को युवाओं के बीच व्यापक समर्थन मिलता है, तो इससे उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक स्वीकार्यता भी मजबूत हो सकती है।

अभी अलगाव कहना जल्दबाजी

देवेंद्र नाथ महतो के Bio से JLKM उपाध्यक्ष का जिक्र हटना निश्चित तौर पर चर्चा का विषय है, लेकिन सिर्फ Bio के आधार पर जयराम महतो या JLKM से उनके अलग होने का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

देवेंद्र खुद जयराम महतो से विवाद की बात से इनकार कर चुके हैं। ऐसे में फिलहाल ज्यादा सही तस्वीर यही है कि देवेंद्र नाथ महतो अपनी राजनीतिक पहचान के साथ-साथ एक स्वतंत्र सामाजिक और छात्र नेता की छवि को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के बाद देवेंद्र नाथ महतो का अगला कदम क्या होता है।

क्या यह सिर्फ Bio में बदलाव है या झारखंड की राजनीति में किसी नई भूमिका की तैयारी?

इसका जवाब आने वाले दिनों में उनके बयानों, कार्यक्रमों और राजनीतिक फैसलों से ही साफ होगा।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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