भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा निर्माण उपकरण बाजार, 2030 तक 15 अरब डॉलर पहुंच सकता है बाजार

Anand Kumar
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भारत निर्माण उपकरण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता जा रहा है, जिससे वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा निर्माण उपकरण बाजार बन चुका है। देश में बुनियादी ढांचों के विकास, सड़क निर्माण, शहरीकरण एवं विभिन्न करी परियोजनाओं के बढ़ते विस्तार के कारण निर्माण उपकरणों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। उद्योग जगत के अनुसार भारत का निर्माण उपकरण बाजार आने वाले वर्षों में और भी तेजी से बढ़ सकता है, जिसका अनुमान है कि वर्ष 2023 तक देश का निर्माण उपकरण बाजार करीब 15 डॉलर अरब तक पहुंच जाएगा।

बढ़ते सरकारी निवेश एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को इस वृद्धि का प्रमुख आधार माना जा रहा है, जिससे देश में सड़क, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो, बंदरगाह, हवाई अड्डे एवं शहरीकरण की शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं पर बड़े स्तर पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं में अर्थ मूविंग मशीनरी, क्रेन, रोड कंस्ट्रक्शन उपकरण एवं अन्य भारी मशीनों की आवश्यकता होती है, जिससे निर्माण उपकरण उद्योग को लगातार बढ़ावा मिलता है। इसी के साथ भारत में तेजी से हो रहे शहरीकरण और आवासीय एवं व्यावसायिक निर्माण गतिविधियों ने भी इस क्षेत्र की मांग को और भी मजबूत कर दिया है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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