रांची। झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 26 दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन फिलहाल दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बुधवार को छात्रों ने आंदोलन स्थगित करने का ऐलान करते हुए राज्य सरकार को 60 दिनों का समय दिया। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस अवधि में यदि उनकी शेष मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन पहले से ज्यादा व्यापक रूप में शुरू किया जाएगा।
- सरकार को 60 दिन का अल्टीमेटम
- PGD, नगर पालिका और आबकारी समेत कई परीक्षाएं रद्द करने की मांग
- आंदोलन को छात्रों की बड़ी जीत बताया
- पद्मश्री मधु मंसूरी ने अनशन कराया समाप्त
- दूसरी तरफ JSSC-CGL के सफल अभ्यर्थियों का धरना जारी
- मोबाइल फ्लैश मार्च के बाद प्रोजेक्ट भवन के बाहर धरना
- 17 अगस्त को सरकार ने रद्द की थी JSSC-CGL परीक्षा
सरकार को 60 दिन का अल्टीमेटम
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार से छात्रों की शेष मांगों को पूरा करने के लिए दो महीने का समय देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि फिलहाल स्थगित किया गया है।
छात्र नेताओं की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की पूरी जांच कराई जाए और जिन परीक्षाओं पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है, उनके संबंध में भी स्पष्ट निर्णय लिया जाए।
रविंद्र पासवान ने दावा किया कि छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार ने अब तक 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द की हैं। सरकार ने 17 पुरानी परीक्षाओं की सीआईडी जांच और छह परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित करने का भी फैसला लिया है।
यह भी पढ़ें – JSSC CGL रद्द होने पर चयनित अभ्यर्थियों का आक्रोश, ‘न्याय दो या फांसी दो’ के नारों से गूंजा रांची
PGD, नगर पालिका और आबकारी समेत कई परीक्षाएं रद्द करने की मांग
रिफॉर्म मंच की ओर से कहा गया है कि PGD, नगर पालिका, आबकारी, कॉन्स्टेबल और फील्ड वर्कर जैसी परीक्षाओं को लेकर भी छात्रों की शिकायतें हैं। मंच ने इन परीक्षाओं की भी समीक्षा और कथित अनियमितता मिलने पर रद्द करने की मांग की है।
रविंद्र पासवान ने कहा कि यदि दो महीने के भीतर सरकार ने छात्रों की सभी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन दोबारा शुरू होगा और इस बार उसका स्वरूप और अधिक बड़ा होगा।
आंदोलन को छात्रों की बड़ी जीत बताया
छात्र नेताओं ने 26 दिनों के आंदोलन को बड़ी उपलब्धि बताया। रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्रों ने अनुशासन के साथ अपनी आवाज उठाई और इसी दबाव के कारण सरकार को कई परीक्षाओं के संबंध में कार्रवाई करनी पड़ी।
छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह ने कहा कि JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच का औपचारिक पंजीकरण भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में झारखंड के छात्रों से जुड़े मुद्दों पर यह मंच उनकी आवाज बनेगा।
पद्मश्री मधु मंसूरी ने अनशन कराया समाप्त
आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के रूपेश पाल, राहुल क्रांति और सबीता का अनशन पद्मश्री मधु मंसूरी ने जूस पिलाकर समाप्त कराया।
इसके बाद छात्रों ने रांची में आभार यात्रा निकाली। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुई यात्रा अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। यहां छात्रों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाया और पटाखे जलाकर आंदोलन के स्थगन के बाद खुशी जताई।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि उनका सत्याग्रह कई दिनों तक चला और उन्होंने स्वयं 16 दिनों तक भूख हड़ताल की। उन्होंने कहा कि आंदोलन के बाद 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई हुई और 22 परीक्षाएं रद्द की गईं।
दूसरी तरफ JSSC-CGL के सफल अभ्यर्थियों का धरना जारी
छात्र आंदोलन स्थगित होने के बावजूद JSSC-CGL परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। ये अभ्यर्थी परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द किए जाने के खिलाफ प्रोजेक्ट भवन के बाहर धरना दे रहे हैं।
सफल अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा पास की और कई अभ्यर्थियों को नियुक्ति भी मिल चुकी थी। अब परीक्षा और नियुक्ति रद्द होने से उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि “कल तक हम सरकारी कर्मचारी थे, आज बेरोजगार हैं।” उनका सवाल है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो, लेकिन इसका खामियाजा उन अभ्यर्थियों को क्यों भुगतना पड़े जिन्होंने अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा पास की है।
मोबाइल फ्लैश मार्च के बाद प्रोजेक्ट भवन के बाहर धरना
JSSC-CGL के सफल अभ्यर्थियों ने मंगलवार शाम मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाकर प्रोजेक्ट भवन से बिरसा चौक तक मार्च निकाला था। इसके बाद अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के बाहर धरने पर बैठ गए।
अभ्यर्थियों ने सरकार से JSSC-CGL रद्द करने के फैसले को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जरूरत पड़ने पर वे सड़क से लेकर अदालत तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
देर रात अभ्यर्थियों ने धरना स्थल पर टेंट लगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद बारिश के बीच कई अभ्यर्थियों को सड़क किनारे रात गुजारनी पड़ी। आंदोलन को देखते हुए प्रोजेक्ट भवन और धुर्वा इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है।
17 अगस्त को सरकार ने रद्द की थी JSSC-CGL परीक्षा
झारखंड सरकार ने 17 अगस्त को JSSC-CGL परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार ने TDPL द्वारा कराई गई परीक्षाओं को भी रद्द करने की घोषणा की है। इसके साथ ही 2014 से अब तक हुई भर्ती परीक्षाओं की जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
इस फैसले के बाद एक तरफ परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे छात्रों ने इसे आंदोलन की बड़ी जीत बताया, वहीं दूसरी तरफ परीक्षा में सफल और नियुक्त अभ्यर्थियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। ऐसे में झारखंड की भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद का अगला चरण अब सफल अभ्यर्थियों की नियुक्तियों और सरकार के अगले फैसले पर केंद्रित होता दिखाई दे रहा है।
यह भी पढ़ें – JPSC परीक्षा फर्जीवाड़े में बड़ी कार्रवाई, CID का शिकंजा, 3 आरोपी 5 दिन की रिमांड पर