सामाजिक आर्थिक एवं संसदीय अध्ययन केंद्र रांची की एक महत्वपूर्ण बैठक आज अपराह्न 4:00 बजे डॉक्टर चंद्रकांत शुक्ला पूर्व कुलपति दरभंगा विश्वविद्यालय की अध्यक्षता में सॉलिटेयर वसुंधरा में संपन्न हुई। बैठक में राज्य के समग्र विकास के लिए यथेष्ट संसाधन वृद्धि पर विमर्श किया गया। सदस्यों द्वारा अपने विमर्श के क्रम में इस बात पर बल दिया गया कि राज्य को समृद्ध राज्यों की तुलना मैं आगे लाने के लिए कम से कम 5 वर्षों का संसाधन वृद्धि विषयक रोड मैप खींचना होगा।
इसके लिए सभी आर्थिक पछो की ईमानदार सहभागिता अपेक्षित है। वैसे तो राज्य का ग्रोथ कम नहीं है पर विकास की चुनौतियों के आलोक में संसाधन आडे हाथों आ रहा है,। इसलिए राज्य को यदि देश की पहली पंक्ति में खड़ा होना है तो संसाधन में बेहतर प्रबंधन की जरुरत है। राज्य में अपार संभावनाएं हैं। आवश्यकता इस बात की है की अपनी मौलिक भौतिक स्थिति को समझते हुए सरकार और सभी आर्थिक पक्ष इस प्रसंग में सम्यक विचार कर आगे कदम बढ़ाए।
यहां सबसे बड़ी बात है मानव संसाधन विकास जो ऐसी संपदा सिद्ध होगी जो अन्यत्र कहीं नहीं है। बस आवश्यकता है योग्यता अनुसार समय सीमा अधीन हमारे युवा शक्ति को कौशल पूर्ण बनाने की। इसी प्रकार देशज हुनर देशज उत्पाद देशज कला तथा बनौपज को वैल्यू एडिशन देने की जरूरत है। सदस्यों ने पर्यटन पर जोर देते हुए कहा की कृषि और पर्यटन मिलकर ग्रामीण रोजगार को बड़ा आयाम दे सकते हैं।
अंत में सितंबर महीने के दूसरे सप्ताह में रांची में संसाधन अभिवृद्धि विषयक एक बड़े विमर्श अर्थात सेमिनार के आयोजन का भी निर्णय बैठक में लिया गया। इसके लिए अरुण कुमार मिश्र के संयोजकत्व मे समिति बनाई गई जिसमे डाक्टर विजय शंकर दास और रमाकांत महतो होगे,।