खूंटी: राजधानी रांची से करीब 60 किलोमीटर दूर खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड मुख्यालय में सोमवार को रथयात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। भगवान जगन्नाथ का रथ 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गया। देखते ही देखते पूरे रथ में करंट फैल गया और वहां मौजूद बच्चों व श्रद्धालुओं के बीच चीख-पुकार मच गई।
इस हादसे में 12वीं कक्षा के दो छात्रों की मौत हो गई, जबकि 7 से 8 बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है, जबकि रांची से भी अधिकारियों की टीम रवाना की गई है।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल में लंच ब्रेक के दौरान कुछ छात्र विद्यालय से थोड़ी दूर मौसीबाड़ी के पास खड़े रथ को घुमाने लगे। कुछ छात्र रथ पर चढ़ गये। जानकारी मिल रही है कि रथ को घुमाने के दौरान उसका ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन से संपर्क में आ गया। संपर्क होते ही पूरे रथ में तेज करंट दौड़ गया और रथ खींच रहे बच्चे उसकी चपेट में आ गए।
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लोगों ने बचाईं कई जानें
हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। करंट की चपेट में आए बच्चे दर्द से तड़पने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चों को रथ से दूर किया और तत्काल उन्हें तोरपा रेफरल अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय लोगों की तत्परता से कई बच्चों की जान बचाई जा सकी।

दो छात्रों की मौत
इस हादसे में चंदन कुमार (पिता– ननका यादव) और तिजेश्वर गोप (पिता– पाल गोप), जो दोनों 12वीं कक्षा के छात्र थे, गंभीर रूप से झुलस गए। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
दोनों छात्रों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में कोहराम मच गया। सदर अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं अन्य घायल बच्चों का इलाज जारी है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घायलों का अस्पताल में चल रहा इलाज
इस हादसे में घायल बच्चों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- अरमान आलम (16)
- सूजय लुहरा (17)
- नीलय एक्का
- पंजक राम (16)
- रुपेश कुमार
- गिरिराज यादव
- कमलेश गोप
सभी घायलों का इलाज तोरपा रेफरल अस्पताल में किया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल तथा अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों का हाल जाना और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
जांच का मुख्य बिंदु यह है कि रथयात्रा के दौरान बिजली आपूर्ति बंद क्यों नहीं की गई, क्या बिजली विभाग को रथयात्रा की जानकारी थी और हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं।
यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
इलाके में शोक और आक्रोश
हादसे के बाद पूरे तोरपा क्षेत्र में मातम का माहौल है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अस्पताल और घटनास्थल पर जुट गए। लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए घटना की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। साथ ही बिजली विभाग से भी घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
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