परदेस में जब मिला अपना : अमेरिका में बस चला रहे जमशेदपुर के सिख ड्राइवर ने जीता भारतीय महिला का दिल

Anand Kumar
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सैन जोस (कैलिफोर्निया)। विदेश में अपनेपन की एक छोटी-सी मिसाल सोशल मीडिया पर हजारों लोगों का दिल जीत रही है। अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित सैन जोस शहर में एक भारतीय महिला के साथ जमशेदपुर से संबंध रखनेवाले एक सिख बस चालक द्वारा किया गया मानवीय व्यवहार अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है।

भारत में रहनेवाली नीलू मिश्रा इन दिनों अमेरिका की यात्रा पर हैं। उन्होंने अपने एक फेसबुक पोस्ट में बताया है कि वह सैन जोस शहर के एक मैक्सिकन रेस्टोरेंट से निकलने के बाद इतनी थक चुकी थीं कि करीब चार किलोमीटर पैदल चल कर अपने ठिकाने पर जाने की हिम्मत नहीं बची थी। ऐसे में उन्होंने बस से जाने का फैसला किया।

बस में चढ़ते ही उनकी नजर चालक पर पड़ी। सामने पगड़ी पहने एक सिख ड्राइवर थे। नीलू ने सहज भाव से कहा, “सत श्री अकाल, पाजी!” उन्हें लगा कि शायद चालक हिंदी नहीं समझेंगे, लेकिन अगले ही पल चालक ने मुस्कुराकर हिंदी में जवाब दिया। परदेस में अपनी भाषा सुनकर नीलू भावुक हो गईं।

पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि उन्हें डाउनटाउन जाना था। ड्राइवर ने बताया कि अगले स्टॉप पर बस बदलनी होगी। इसी दौरान बातचीत में पता चला कि उनका संबंध जमशेदपुर से है। कुछ ही मिनटों की बातचीत में दोनों के बीच आत्मीयता का एहसास होने लगा।

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खुद बस से उतरकर दिखाया रास्ता

जब बस अगले स्टॉप पर पहुंची तो चालक ने केवल जानकारी देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। उन्होंने बस पार्क की, खुद नीचे उतरे और नीलू को दूसरी बस के स्टॉप तक ले जाकर सही बस की जानकारी दी।

इतना ही नहीं, जब नीलू ने किराया देने के लिए अपना बटुआ निकाला तो चालक ने मुस्कुराते हुए मना कर दिया। उन्होंने अपनी जेब से एक डे-पास निकालकर नीलू के हाथ में देते हुए कहा, “आज पूरे दिन इसी से आराम से सफर कर लीजिए, पैसे देने की जरूरत नहीं है।”

“बस पास नहीं, अपनापन दिया”

नीलू मिश्रा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उस पल उन्हें लगा जैसे किसी अपने ने परदेस में उनका हाथ थाम लिया हो। उन्होंने लिखा कि बस चालक ने उन्हें केवल एक बस पास नहीं दिया, बल्कि यह एहसास कराया कि इंसान की सबसे बड़ी पहचान उसका धर्म, देश या भाषा नहीं, बल्कि उसका बड़ा दिल होता है।

उन्होंने भावुक शब्दों में लिखा कि “कभी-कभी भगवान फरिश्तों को पंख नहीं देता, बल्कि उन्हें बस की यूनिफॉर्म पहनाकर हमारी जिंदगी में भेज देता है।”

सोशल मीडिया पर लोगों का प्यार

नीलू मिश्रा की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग बस चालक की संवेदनशीलता और मददगार स्वभाव की जमकर सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि विदेश में भारतीय समुदाय का यही अपनापन लोगों के दिलों में हमेशा याद रहता है। वहीं, जमशेदपुर से जुड़े होने की जानकारी ने झारखंड के लोगों के लिए भी इस कहानी को और खास बना दिया है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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