झारखंड में हादसों का ‘ब्लैक वेडनसडे’ : भू-धंसान में 3 लोग जमींदोज, सड़क दुर्घटनाओं और आत्महत्या ने छीनीं 10 जानें

Anand Kumar
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धनबाद: अवैध खनन की भेंट चढ़ीं तीन जिंदगियां, घर के साथ जमीन में समा गए लोग

Jan-Man Ki Team : धनबाद के सोनारडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत बहियारडीह पंचायत के टंडाबाड़ी में मंगलवार की रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। जोरदार धमाके के साथ मनोहर उरांव का घर अचानक पाताल में धंस गया। इस भयावह घटना में 60 वर्षीय मनोहर उरांव, उनकी 17 वर्षीय बेटी गीता कुमारी और पड़ोस की 45 वर्षीय महिला सरिता देवी मलबे के साथ जमीन के भीतर समा गए।

रेस्क्यू में भारी देरी पर आक्रोश: घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई, लेकिन प्रशासन और बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन पर रेस्क्यू में देरी के आरोप लगे। हादसे के करीब चार घंटे बाद बचाव कार्य शुरू हुआ, जो देर रात ढाई बजे तक चला। मलबे से तीनों के शव बरामद किए गए। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर ऑक्सीजन या मदद पहुंचती, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने राजगंज-चास मुख्य मार्ग को घंटों जाम रखा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पास में ही चल रहे अवैध कोयला खनन और भारी ब्लास्टिंग के कारण जमीन खोखली हो गई थी, जिससे यह हादसा हुआ।

रांची: महिला कांस्टेबल की हादसे में मौत, नियति का क्रूर मजाक

राजधानी रांची के रातू थाना क्षेत्र स्थित हाजी चौक पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में झारखंड पुलिस की महिला कांस्टेबल रंजीता एक्का की जान चली गई। रंजीता मूल रूप से सिमडेगा जिला बल में तैनात थीं और वर्तमान में झारखंड हाईकोर्ट में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर थीं।

सड़क पर गिरते ही अज्ञात वाहन ने कुचला: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रंजीता अपनी स्कूटी से ड्यूटी पर जा रही थीं, तभी संतुलन बिगड़ने से वह सड़क पर गिर गईं। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया और चालक मौके से फरार हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रंजीता की कहानी अत्यंत दुखद है; उनके पति भी झारखंड पुलिस में थे और उनकी मृत्यु भी एक सड़क हादसे में हुई थी, जिसके बाद रंजीता को अनुकंपा पर नौकरी मिली थी। अब रंजीता का भी अंत उसी तरह हुआ, जिससे उनका परिवार पूरी तरह टूट गया है।

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कोडरमा: प्रेम प्रसंग और डांट के बाद छात्रा ने दी जान, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

कोडरमा के डोमचांच थाना क्षेत्र के बगड़ो गांव में 16 वर्षीय छात्रा चांदनी कुमारी ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना के समय घर के सदस्य बाजार गए थे। वापस लौटने पर चांदनी का शव छत के कमरे में लटका मिला।

विवाद और आरोप: मृतका की मां मंजू देवी ने बताया कि चांदनी का गांव के ही एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग था। घटना से एक दिन पहले युवक के परिजनों ने घर आकर चांदनी को काफी भला-बुरा कहा था और भविष्य में दूर रहने की चेतावनी दी थी। परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है, जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है। पुलिस फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और लिखित शिकायत का इंतजार कर रही है।

गिरिडीह: संदिग्ध वाहन के पीछा करने से घबराया चालक, हादसे में एक की मौत

गिरिडीह के पंचम्बा थाना क्षेत्र के मोहनपुर में देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई। शादी समारोह से लौट रहे युवकों का वाहन डिवाइडर से टकराकर बिजली के पोल में जा घुसा। इस हादसे में बिहार के नवादा निवासी समीर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

छिनतई का डर बना काल: बताया जा रहा है कि एक संदिग्ध वाहन काफी देर से इनका पीछा कर रहा था। लूटपाट या छिनतई की आशंका से घबराकर चालक ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया। घायलों में से एक की स्थिति नाजुक देखते हुए उसे धनबाद रेफर किया गया है।

सरायकेला: हाइवा और ट्रक की आमने-सामने टक्कर, केबिन में फंसे चालक की मौत

सरायकेला-खरसावां के कांदरबेड़ा-डोबो मार्ग पर बुधवार को एक भीषण टक्कर हुई। जमशेदपुर से चांडिल की ओर जा रहे हाइवा की सामने से आ रहे ट्रक से जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हाइवा चालक रोशन सिंह (सिदगोड़ा निवासी) केबिन में ही बुरी तरह फंस गया। स्थानीय लोगों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। दूसरे ट्रक का चालक भी गंभीर रूप से घायल है।

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गिरिडीह: दो बाइकों की टक्कर में एक और युवक ने तोड़ा दम

मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के कोदेया मोड़ पर दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत में सागर कुमार नामक युवक की मौत हो गई। टक्कर के बाद सागर को गंभीर हालत में धनबाद रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। दूसरा बाइक सवार रोहित कुमार फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन है।

चतरा: नशा और पारिवारिक कलह ने ली युवक की जान

चतरा के इटखोरी में एक 20 वर्षीय युवक का शव स्कूल परिसर में पेड़ से लटका मिला। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि युवक नशे की लत का शिकार था और घर में इसी बात को लेकर अक्सर विवाद होता था। परिजनों की डांट से दुखी होकर उसने स्कूल की झाड़ियों के पास फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

बेटे के बर्थडे की तैयारी में जुटी महिला की छत से गिरकर मौत

इसी कड़ी में कोडरमा जिले से भी एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां एक परिवार में खुशी का माहौल पल भर में मातम में बदल गया। जिस घर में नन्हे कृष्ण के पहले जन्मदिन की किलकारियां गूंजनी थीं, वहां अब चीख-पुकार मची है। छोटे बेटे के पहले जन्मदिन की तैयारी कर रही महिला मीना की छत से गिरने के कारण मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया।

सदर अस्पताल में हंगामे के दौरान परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि यदि समय रहते विशेषज्ञ डॉक्टर मीना की सुध लेते और इलाज में तत्परता दिखाई जाती, तो शायद उसके बच्चों के सिर से मां का साया न उठता। घंटों चले हंगामे के कारण अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।”

झारखंड में बढ़ते सड़क हादसे और आत्महत्या की घटनाएं समाज के लिए चेतावनी हैं। प्रशासन को जहां अवैध खनन पर लगाम कसने की जरूरत है, वहीं लोगों को सड़क पर सावधानी बरतने और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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