Medininagar : झारखंड के पलामू जिले के तरहसी थाना क्षेत्र में ज्ञान गंगा आवासीय स्कूल से बुधवार देर रात चार नाबालिग छात्र-छात्राएं फरार हो गए। ज्ञान गंगा एक निजी आवासीय स्कूल है। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों बच्चों को नक्सल प्रभावित जंगल इलाके से सकुशल बरामद कर लिया है।
पुलिस अब इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। इस घटना ने स्कूल में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं।
आधी रात को स्कूल से बाहर निकले चारों बच्चे
तरहसी थाना क्षेत्र के गुरही गांव में स्थित ज्ञान गंगा आवासीय स्कूल में पढ़ने वाले दो भाई-बहन और दो अन्य भाई-बहन बुधवार देर रात स्कूल से बाहर निकल गए थे। चारों पैदल ही अपने घर की ओर जा रहे थे। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने उन छात्रों को संदिग्ध हालत में देख लिया। ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत तरहसी पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आनंद राम के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम ने चारों बच्चों का रेस्क्यू किया।
जंगल के रास्ते नक्सल प्रभावित इलाके की ओर बढ़े कदम
एक भाई-बहन मनातू थाना क्षेत्र के मझौली गांव के निवासी हैं, जबकि दूसरे भाई-बहन डुमरी इलाके के रहने वाले हैं। स्कूल से इन बच्चों के घरों की दूरी करीब 35 किलोमीटर है। बच्चों ने बताया कि वे सभी घर जा रहे थे। यह पूरा इलाका नक्सल प्रभावित और घने जंगल से घिरा हुआ है। ऐसे में आधी रात को जंगल के रास्ते इतने बच्चों का सुरक्षित निकलना एक बड़ी चिंता का विषय बन सकता था।
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एसपी और थाना प्रभारी का बयान
पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया, “ग्रामीणों ने चारों छात्र-छात्राओं को संदिग्ध अवस्था में देखा था और पुलिस को जानकारी दी थी। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने चारों बच्चों का सकुशल रेस्क्यू कर लिया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।”
तरहसी के थाना प्रभारी आनंद राम ने कहा, “बच्चों ने बताया कि वे सभी घर जा रहे थे। ग्रामीणों ने पुलिस के साथ जानकारी साझा की, जिसके बाद उन्हें रेस्क्यू किया गया।”
स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था का अभाव: नाइट गार्ड नहीं
ज्ञान गंगा आवासीय स्कूल से जुड़ी एक बड़ी समस्या सुरक्षा व्यवस्था की कमी है। इस स्कूल में करीब 20 बच्चे पढ़ाई करते हैं, लेकिन स्कूल में नाइट गार्ड भी नहीं है। जब चारों बच्चे रात में बाहर निकले, तो उन्हें रोकने वाला कोई नहीं था। यह सुरक्षा के प्रति स्कूल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है। स्कूल की तरफ से बच्चों के भागने की आधिकारिक जानकारी भी साझा नहीं की गई थी, केवल पुलिस द्वारा रेस्क्यू करने के बाद ही जानकारी दी गई।
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आगे की कार्रवाई
पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और अन्य कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। स्कूल में सुरक्षा की स्थिति में सुधार के लिए भी कदम उठाए जा सकते हैं।