Medininagar/Jamshedpur : झारखंड में इन दिनों जारी रसोई गैस की किल्लत के बीच रविवार का दिन हादसों के नाम रहा। पलामू के मेदिनीनगर और पोटका के कलिकापुर में हुए गैस सिलेंडर धमाकों ने पूरे राज्य को दहला दिया। जहां पलामू में एक अवैध गैस गोदाम में हुए सिलसिलेवार धमाकों में चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए, वहीं पोटका में एक होटल जलकर खाक हो गया। इन घटनाओं ने गैस के अवैध रिफिलिंग कारोबार और सुरक्षा मानकों की पोल खोल कर रख दी है।
हादसा 1 : पलामू में ‘पाताल’ के गोदाम में धमाका, धुआं-धुआं हुआ इलाका
मेदिनीनगर शहर के बैरिया चौक के पास उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब उत्कर्ष फाइनेंशियल बैंक के नीचे बने एक भूमिगत (Underground) अवैध गैस गोदाम में धमाके शुरू हो गए।
- अवैध रिफिलिंग का शक: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक जोरदार धमाके हुए। बताया जा रहा है कि यहां लंबे समय से गैस रिसाव हो रहा था। आशंका जताई जा रही है कि गैस किल्लत का फायदा उठाकर यहाँ बड़े सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में अवैध रिफिलिंग की जा रही थी।
- 4 लोग गंभीर घायल: इस विस्फोट में धर्मेंद्र सिंह, विक्रम कुमार सिंह, आलोक कुमार और मुकेश कुमार गंभीर रूप से झुलस गए। सभी का इलाज मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज (MMCH) में चल रहा है।
- प्रशासनिक कार्रवाई: सूचना मिलते ही एसडीपीओ राजीव रंजन और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड ने 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस अब गोदाम मालिक अजय गुप्ता की भूमिका की जांच कर रही है।
यह भी पढ़ें – झारखंड में सिलेंडर पर ‘संग्राम’: जब समाधान की जगह मिट्टी का चूल्हा बना सियासी हथियार!
हादसा 2: पोटका में होटल बना आग का गोला, दो ब्लास्ट से दहला बाजार
दूसरी घटना जमशेदपुर के पोटका प्रखंड स्थित कलिकापुर बाजार की है। यहां एक होटल में खाना बनाने के दौरान अचानक रेगुलेटर में आग लग गई।
- धमाकों की गूंज: देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और होटल में रखे दो सिलेंडर एक के बाद एक ब्लास्ट कर गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरा होटल चंद मिनटों में जलकर खाक हो गया।
- टला बड़ा हादसा: स्थानीय लोगों की मुस्तैदी की वजह से दुकान में रखे दो अन्य सिलेंडरों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, वरना आसपास की घनी आबादी और घर भी इसकी चपेट में आ सकते थे। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग को फैलने से रोका।
बड़ा सवाल: किल्लत की आड़ में ‘मौत’ का कारोबार?
इन दोनों घटनाओं ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। झारखंड में गैस की किल्लत के कारण क्या कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग का खेल फिर से जोर पकड़ रहा है? पलामू की घटना स्पष्ट रूप से घनी आबादी के बीच ‘अवैध भंडारण’ की ओर इशारा करती है। प्रशासन की नाक के नीचे बैंक की बिल्डिंग में भूमिगत गैस गोदाम का चलना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान है।
यह भी पढ़ें – LPG संकट से देश में हाहाकार: ₹4 हजार में बिक रहा कॉमर्शियल सिलेंडर, लोग सिलेंडर लेकर भागने को मजबूर, जानें सरकार के 5 बड़े कदम