झारखंड विधानसभा: फार्मेसी काउंसिल नियुक्ति पर सियासी घमासान, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश; ड्रग्स तस्करी पर कसेगा शिकंजा

Anand Kumar
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Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का शनिवार का दिन हंगामेदार रहा। सदन में जहां एक ओर फार्मेसी काउंसिल में नियुक्तियों को लेकर सत्ता-पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखे, वहीं राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए सरकार ने ‘विशेष टास्क फोर्स’ के गठन का बड़ा ऐलान किया।

फार्मेसी काउंसिल नियुक्ति पर सरयू राय का ‘स्ट्राइक’

पूर्वी जमशेदपुर के विधायक सरयू राय ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से फार्मेसी काउंसिल में प्रभारी निबंधन सचिव की नियुक्ति में धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकाल में नियमों को ताक पर रखकर चहेते लोगों को कुर्सी सौंपी गई। सरयू राय ने मांग की कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हो ताकि भ्रष्टाचार में शामिल चेहरों का पर्दाफाश हो सके।

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मंत्री इरफान अंसारी का आश्वासन: ‘जीरो टॉलरेंस’ पर काम करेगी सरकार

विधायक के आरोपों पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार इस मामले की विस्तृत जांच कराएगी। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि यदि नियुक्ति में नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो उसे न केवल रद्द किया जाएगा, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई भी होगी।

ड्रग्स के खिलाफ महाअभियान: बनेगा एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स

राज्य में बढ़ते नशे के व्यापार, विशेषकर हजारीबाग और रामगढ़ के इलाकों में ब्राउन शुगर और हेरोइन की तस्करी पर विधायक रोशन लाल चौधरी ने चिंता जताई। इस पर सरकार की ओर से मंत्री योगेंद्र महतो ने घोषणा की कि हर जिले में विशेष टास्क फोर्स गठित की जाएगी जो एंटी-नारकोटिक्स अभियान चलाएगी।

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हेलीकॉप्टर खरीद पर तकरार

सदन में निजी हेलीकॉप्टर के किराये पर अरबों रुपये खर्च करने का मुद्दा भी उठा। विधायक शशि भूषण मेहता ने सरकार को अपना हेलीकॉप्टर खरीदने की सलाह दी। हालांकि, मंत्री दीपक बिरुआ ने तकनीकी और आर्थिक कारणों का हवाला देते हुए फिलहाल इसे अव्यावहारिक बताया।


टिप्पणी

झारखंड में नियुक्तियों का विवाद कोई नया नहीं है, लेकिन सरयू राय जैसे अनुभवी विधायक जब तथ्यों के साथ मुद्दा उठाते हैं, तो सरकार पर दबाव बढ़ना लाजिमी है। फार्मेसी काउंसिल जैसे महत्वपूर्ण विभाग में योग्यता की अनदेखी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी घातक है। दूसरी ओर, नशे के खिलाफ टास्क फोर्स का गठन एक स्वागत योग्य कदम है, बशर्ते यह केवल कागजों पर न रहे और पुलिस-तस्करों के गठजोड़ को तोड़ने में सफल हो।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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