LPG संकट से देश में हाहाकार: ₹4 हजार में बिक रहा कॉमर्शियल सिलेंडर, लोग सिलेंडर लेकर भागने को मजबूर, जानें सरकार के 5 बड़े कदम

Anand Kumar
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New Delhi : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग का सीधा असर अब भारत की रसोई तक पहुंच गया है। देशभर में LPG गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत हो गई है। हालात इतने बेकाबू हैं कि गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी हैं, कालाबाजारी चरम पर है और पंजाब जैसे राज्यों में लोग सिलेंडर लूटकर भागते नजर आ रहे हैं।

किल्लत का फायदा उठाकर कई जगहों पर ₹2 हजार वाला कॉमर्शियल सिलेंडर ₹4 हजार में ब्लैक किया जा रहा है। सरकार ने हालात को देखते हुए लोगों से PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन लेने की अपील की है।

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राज्यों का हाल: कहीं शवयात्रा, तो कहीं फैक्ट्रियां बंद

  • पंजाब में मौत और लूट: एजेंसियों के बाहर भारी बवाल है। बरनाला में 2 घंटे से लाइन में लगे एक 66 वर्षीय बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वहीं, लुधियाना में एक्टिवा सवार बदमाशों द्वारा राहगीरों से सिलेंडर छीनने की वारदातें सामने आई हैं।
  • राजस्थान में शवयात्रा: गैस किल्लत और कालाबाजारी के विरोध में कांग्रेस ने जयपुर में सिलेंडर की शवयात्रा निकालकर केंद्र सरकार का विरोध किया। कोटा के हॉस्टल और ढाबों में अब लकड़ी और कोयले पर खाना बन रहा है।
  • उत्तर प्रदेश में उद्योग ठप: गैस सप्लाई न होने से फिरोजाबाद की 40 से ज्यादा चूड़ी फैक्ट्रियां और आगरा का पेठा उद्योग बंद हो गया है। बुलंदशहर के पॉटरी उद्योग के 30 हजार मजदूर रातों-रात बेरोजगार हो गए हैं।
  • मध्य प्रदेश और बिहार: एमपी में सर्वर डाउन होने से ऑनलाइन बुकिंग ठप है और वेटिंग 8 दिन तक पहुँच गई है। वहीं, बिहार में कोयले और लकड़ी के भाव आसमान छू रहे हैं।
  • केरल में रेस्टोरेंट बंद: राज्य के करीब 40% रेस्टोरेंट पूरी तरह से बंद होने की कगार पर हैं।

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अमेज़न पर आउट ऑफ स्टॉक हुए इंडक्शन, जोमैटो-स्विगी पर भी मार

गैस न मिलने के कारण लोग इंडक्शन चूल्हों की तरफ भाग रहे हैं। एक ही दिन में अमेज़न पर 1.34 लाख इंडक्शन बिक गए और ज्यादातर कंपनियों का स्टॉक खत्म हो गया है। वहीं, होटलों में खाना न बनने के कारण जोमैटो और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फूड डिलीवरी ऑर्डर में 60% तक की भारी गिरावट आई है।

आखिर क्यों पैदा हुआ यह गैस संकट? (2 मुख्य कारण)

  1. होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) का बंद होना: दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा और भारत का 50% कच्चा तेल इसी समुद्री रास्ते से आता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब जहाजों के लिए सुरक्षित नहीं रहा है।
  2. कतर के प्लांट पर ड्रोन हमला: भारत अपनी जरूरत की 40% LNG कतर से खरीदता है। हाल ही में हुए ड्रोन हमलों के कारण कतर ने अपने प्लांट में गैस का प्रोडक्शन रोक दिया है, जिससे भारत की सप्लाई चेन टूट गई है।

सरकार ने उठाए 5 सख्त कदम

किल्लत को दूर करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने मोर्चो संभाल लिया है:

  1. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: देशभर में गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया गया है।
  2. बुकिंग के नियमों में बदलाव: अब शहरों में एक सिलेंडर के बाद दूसरा 25 दिन बाद और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन बाद ही बुक हो सकेगा।
  3. OTP हुआ अनिवार्य: कालाबाजारी रोकने के लिए डिलीवरी के समय बायोमेट्रिक या OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
  4. उत्पादन बढ़ाने के निर्देश: ऑयल रिफाइनरीज को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया गया है, जिससे प्रोडक्शन 28% तक बढ़ गया है।
  5. हाई-लेवल कमेटी: सप्लाई की लगातार समीक्षा के लिए तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक कमेटी बनाई गई है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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