झारखंड पुलिस में व्यापक फेरबदल की तैयारी: 39 डीएसपी ‘वेटिंग’, 64 प्रमोटेड अधिकारियों की पोस्टिंग सूची मार्च में संभव

Anand Kumar
4 Min Read

Ranchi : झारखंड में पुलिस प्रशासन के स्तर पर बड़े पैमाने पर फेरबदल की तैयारी अंतिम चरण में बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार मार्च में डीएसपी रैंक के अधिकारियों का व्यापक तबादला आदेश जारी कर सकती है। पुलिस मुख्यालय स्तर पर सेवा अभिलेख, अनुभव, रिक्त पदों और जिलों की जरूरत के आधार पर सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है।

यह संभावित कदम केवल नियमित तबादला नहीं, बल्कि हालिया प्रमोशन, लंबित पोस्टिंग और इकाइयों में बनी रिक्तियों को संतुलित करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।


39 डीएसपी वेटिंग में, 64 इंस्पेक्टर हाल में प्रमोट

विभागीय सूत्र बताते हैं कि वर्तमान में 39 डीएसपी ऐसे हैं, जो वेटिंग फॉर पोस्टिंग की स्थिति में हैं। दूसरी ओर 64 इंस्पेक्टर हाल ही में डीएसपी पद पर प्रोन्नत हुए हैं। इन अधिकारियों को जिलों, ट्रैफिक, विशेष शाखा, अपराध अनुसंधान इकाइयों और जिला बल में तैनात करने पर विचार किया जा रहा है।

सेवा विवरण, पूर्व अनुभव, संवेदनशील जिलों की आवश्यकता और कानून-व्यवस्था की प्राथमिकताओं को आधार बनाकर सूची तैयार की जा रही है। संकेत हैं कि इस बार पोस्टिंग में “जोनल संतुलन” और “कार्यकुशलता” को प्रमुख मानदंड बनाया जाएगा।


यह भी पढ़ें – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जमशेदपुर में रखी श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक केंद्र की आधारशिला, भूमि पूजन में शामिल हुए सीएम व राज्यपाल

लंबित पोस्टिंग से प्रशासनिक दबाव

लंबे समय से प्रमोटेड अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग नहीं मिलने के कारण कई इकाइयों में डीएसपी स्तर पर कार्यभार का असंतुलन बना हुआ था। कुछ जिलों में अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों पर दबाव बढ़ा, जबकि कई विशेष इकाइयों में पद रिक्त रहे।

ऐसी स्थिति में व्यापक फेरबदल से न केवल रिक्तियां भरने की उम्मीद है, बल्कि कार्यप्रवाह में स्पष्टता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। प्रशासनिक हलकों में इसे “संरचनात्मक पुनर्संतुलन” के रूप में देखा जा रहा है।


अपराध नियंत्रण और चुनावी वर्ष का संदर्भ

राज्य में हाल के महीनों में अपराध नियंत्रण, संगठित अपराध की निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन और संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। पुलिसिंग व्यवस्था को चुस्त करने के लिए जिला स्तर पर सक्षम अधिकारियों की तैनाती महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह फेरबदल अहम माना जा रहा है। आगामी चुनावी गतिविधियों और शहरी निकायों में प्रशासनिक सक्रियता को देखते हुए पुलिस बल में संतुलित और रणनीतिक तैनाती को प्राथमिकता दी जा रही है।


सरकार की प्राथमिकता: नियमित तैनाती और जवाबदेही

सूत्रों के मुताबिक सरकार की मंशा है कि महत्वपूर्ण पदों पर नियमित और पूर्णकालिक तैनाती सुनिश्चित की जाए। अस्थायी प्रभार व्यवस्था को कम कर स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि कानून-व्यवस्था से जुड़े निर्णयों में तेजी आए।

विभागीय स्तर पर यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रमोटेड अधिकारियों को उनकी वरिष्ठता और क्षमता के अनुरूप जिम्मेदारी मिले, जिससे मनोबल बना रहे और पदोन्नति का व्यावहारिक लाभ दिखाई दे।

यह भी पढ़ें – सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर झारखंड में सियासी घमासान, SIR को लेकर JMM-BJP आमने-सामने

Share This Article
Follow:
वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *