Palamu : पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के काला पहाड़ इलाके का रहने वाला मंगल परहिया, जो वर्ष 2016 में लापता हो गया था, लगभग दस वर्ष बाद पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार वह बांग्लादेश सीमा के निकट क्षेत्र में मजदूरी कर रहा था।
2016 में कोलकाता से हुआ था लापता
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2016 में मंगल परहिया अपने माता-पिता के साथ कोलकाता गया था। उसी दौरान वह परिवार से बिछड़ गया। उस समय उसकी उम्र करीब 10–11 वर्ष थी। परिजनों ने शुरुआती महीनों में अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में दिसंबर 2025 में उसके माता-पिता ने पलामू की पुलिस अधीक्षक Rishma Ramesan से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी।
एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर छतरपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अवध कुमार यादव और थाना प्रभारी प्रशांत प्रसाद के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मानवीय सूचना तंत्र के आधार पर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि मंगल परहिया पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बांग्लादेश सीमा के समीप क्षेत्र में रह रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद छतरपुर थाना पुलिस की टीम पश्चिम बंगाल रवाना हुई।
पश्चिम बंगाल से बरामद, परिवार को सौंपा गया
पुलिस ने स्थानीय समन्वय के बाद मंगल परहिया को बरामद कर लिया। वर्तमान में उसकी उम्र लगभग 21 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार वह 24 परगना क्षेत्र में मजदूरी कर जीवनयापन कर रहा था।
आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मंगल को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर आभार व्यक्त किया।
पुलिस की अपील
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि किसी परिजन का बच्चा या सदस्य लापता हो जाए तो तत्काल पुलिस को सूचना देना आवश्यक है, ताकि समय रहते जांच शुरू की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि आधुनिक तकनीक और अंतरराज्यीय समन्वय के माध्यम से पुराने मामलों में भी प्रगति संभव है।
यह मामला लंबे समय बाद परिवार से पुनर्मिलन का उदाहरण है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, समय बीत जाने के बावजूद यदि ठोस सूचना और समन्वित प्रयास हों तो लापता व्यक्तियों का पता लगाया जा सकता है।