धनबाद में बच्चा चोरी की अफवाह पर हमला : तीन गिरफ्तार, एसएसपी बोले – हिंसा बर्दाश्त नहीं

Anand Kumar
5 Min Read

Dhanbad : धनबाद जिले के राजगंज थाना क्षेत्र में बच्चा चोरी की अफवाह के आधार पर दो व्यक्तियों के साथ भीड़ द्वारा मारपीट किए जाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि अफवाह या संदेह के आधार पर कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

क्या है पूरा मामला

पुलिस के अनुसार डब्लू महतो और दीपक महतो नामक दो व्यक्ति अपने रिश्तेदार के घर क्षेत्र में आए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन पर बच्चा चोरी का संदेह जताया। देखते ही देखते क्षेत्र में अफवाह फैल गई और भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि बिना सत्यापन के दोनों को घेरकर मारपीट की गई।

पीड़ितों ने खुद को निर्दोष बताते हुए पहचान स्पष्ट करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। सूचना मिलने पर राजगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को भीड़ से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की समय पर दखल से स्थिति और गंभीर होने से बच गई।


यह भी पढ़ें – जमशेदपुर : जेएनएसी चौक पर मवेशी लदे वाहन को लेकर हंगामा, सड़क पर तीन बार भिड़ंत; पुलिस ने वाहन थाने पहुंचाया

BNS की धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पीड़ितों की शिकायत पर राजगंज थाना में कांड संख्या 11/26, दिनांक 24 फरवरी 2026 दर्ज किया गया। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 191(3), 127(1), 127(2), 115(2), 109(1), 352 और 351(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के क्रम में भीड़ में सक्रिय रूप से शामिल तीन आरोपियों— विनय मिष्टी, आकाश तुरी और सोनू तुरी — की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। तीनों को न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया है।


एसएसपी की सख्त टिप्पणी

धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक Prabhat Kumar ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि हाल के वर्षों में बच्चा चोरी की अफवाह फैलाकर अनजान लोगों को निशाना बनाने की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति पर संदेह होने पर कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो स्वयं कार्रवाई करने के बजाय डायल 112 पर सूचना दें। कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है।

यह भी पढ़ें – राष्ट्रपति का झारखंड दौरा: रांची एयरपोर्ट ‘नो फ्लाइंग जोन’, जमशेदपुर में DC-SSP ने लिया इंतजामों का जायजा

फरवरी माह में अफवाहों के कारण कई घटनाएं घटीं

झारखंड में फरवरी 2026 में बच्चा चोरी की अफवाहें (मुख्यतः WhatsApp पर फैलीं) ने हिंसा को बढ़ावा दिया। पुलिस ने बार-बार स्पष्ट किया कि कोई संगठित गिरोह नहीं है, लेकिन अफवाहों से निर्दोष लोग (महिलाएं, साधु, विक्षिप्त व्यक्ति आदि) भीड़ का शिकार बने। फरवरी के मध्य में पीक देखा गया, जिसमें 1 मौत और दर्जनों घायल हुए।

  • 12-14 फरवरी: बोकारो जिले में कई घटनाएं; 13 फरवरी को बिशुनपुर में एक महिला को पीटा गया। 14 फरवरी को बंशीडीह (चास) में 5 साधुओं पर हमला, उनकी गाड़ी के शीशे तोड़े गए; बोकारो में 2 दिनों में 5+ जगहों पर मारपीट।
  • 16 फरवरी: चतरा के पिपरवार में विक्षिप्त व्यक्ति (रामबली राजवार, 45 वर्ष) को बच्चा चोर समझकर पीट-पीटकर मार डाला (मौत इलाज के दौरान)। बोकारो में 6 महिलाओं पर हमला; लातेहार के बालूमाथ में युवक की पिटाई; कई जिलों में एक साथ 5+ लोग (महिला सहित) बंधक बनाए गए।
  • 17-18 फरवरी: चतरा लिंचिंग के बाद और घटनाएं; जामताड़ा, हजारीबाग, रामगढ़ में महिला समेत 6 लोगों की पिटाई; कुल 17 घटनाओं में 33 घायल (फरवरी अब तक)।
  • 19 फरवरी: रांची के एदलहातु में दो महिलाओं और एक पुरुष को बच्चा चोरी के शक में पीटा गया; पुलिस ने बचाया।
  • 20 फरवरी के आसपास: पिछले 5 दिनों में 12+ घटनाएं (धनबाद, चतरा, जमशेदपुर, जामताड़ा, गिरिडीह, रामगढ़, लातेहार, बोकारो आदि); धनबाद में ट्रांसजेंडर/युवक पर हमला।
  • फरवरी अंत तक (22-24 फरवरी): कुल 17+ घटनाएं, 33+ घायल, कम से कम 1 मौत; पुलिस हाई अलर्ट पर, अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की अपील।
Share This Article
Follow:
वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *