मालगाड़ी की चपेट में आया हाथी, ट्रैक को घेर कर बैठ गया पूरा झुंड

Anand Kumar
6 Min Read
प्रतीकात्मक तसवीर।

बरकाकाना–बरवाडीह रेलखंड पर परिचालन ठप, निंद्रा–महुआ मिलान के बीच देर रात हादसा

Ranchi : लातेहार जिले में बरकाकाना–बरवाडीह रेलखंड पर सोमवार देर रात एक मालगाड़ी की चपेट में जंगली हाथियों का झुंड आ गया। घटना निंद्रा और महुआ मिलान स्टेशनों के बीच रेलवे पोल संख्या 173 के पास हुई। टक्कर में एक हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद पूरे झुंड ने रेलवे ट्रैक को घेर लिया। हाथियों की मौजूदगी के कारण इस सेक्शन पर रेल परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह इलाका हाथियों के नियमित विचरण क्षेत्र में आता है। देर रात झुंड रेलवे लाइन पार कर रहा था, तभी वहां से गुजर रही मालगाड़ी से टक्कर हो गई। घायल हाथी ट्रैक पर ही बैठ गया, जिससे अन्य हाथी उसके आसपास जमा हो गए और ट्रैक खाली नहीं होने दिया।


रेलवे और वन विभाग मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। वन विभाग के अधिकारी घायल हाथी के इलाज और झुंड को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर हटाने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर रेल परिचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि जब तक ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बहाल नहीं की जाएगी। कुछ ट्रेनों को डायवर्ट करने और कुछ को निकटवर्ती स्टेशनों पर रोके जाने की संभावना है।


मानव–वन्यजीव संघर्ष पर फिर सवाल

झारखंड के कई रेलखंड वन क्षेत्र से होकर गुजरते हैं, जहां हाथियों की आवाजाही आम बात है। पिछले वर्षों में भी रेल दुर्घटनाओं में हाथियों की मौत और घायल होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील रेल सेक्शनों पर स्पीड कंट्रोल, सिग्नलिंग सिस्टम और वन्यजीव चेतावनी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है।


जांच और राहत कार्य जारी

वन विभाग की प्राथमिकता घायल हाथी का उपचार और झुंड को सुरक्षित स्थान पर ले जाना है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौके के पास भीड़ न लगाएं, ताकि राहत कार्य में बाधा न हो।

घटना के बाद क्षेत्र में एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। रेल परिचालन कब तक सामान्य होगा, यह हाथियों की स्थिति और ट्रैक की सुरक्षा जांच पर निर्भर करेगा।

लातेहार जिले में बरकाकाना–बरवाडीह रेलखंड पर सोमवार देर रात एक मालगाड़ी की चपेट में जंगली हाथियों का झुंड आ गया। घटना निंद्रा और महुआ मिलान स्टेशनों के बीच रेलवे पोल संख्या 173 के पास हुई। टक्कर में एक हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद पूरे झुंड ने रेलवे ट्रैक को घेर लिया। हाथियों की मौजूदगी के कारण इस सेक्शन पर रेल परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह इलाका हाथियों के नियमित विचरण क्षेत्र में आता है। देर रात झुंड रेलवे लाइन पार कर रहा था, तभी वहां से गुजर रही मालगाड़ी से टक्कर हो गई। घायल हाथी ट्रैक पर ही बैठ गया, जिससे अन्य हाथी उसके आसपास जमा हो गए और ट्रैक खाली नहीं होने दिया।


रेलवे और वन विभाग मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। वन विभाग के अधिकारी घायल हाथी के इलाज और झुंड को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर हटाने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर रेल परिचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि जब तक ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बहाल नहीं की जाएगी। कुछ ट्रेनों को डायवर्ट करने और कुछ को निकटवर्ती स्टेशनों पर रोके जाने की संभावना है।


मानव–वन्यजीव संघर्ष पर फिर सवाल

झारखंड के कई रेलखंड वन क्षेत्र से होकर गुजरते हैं, जहां हाथियों की आवाजाही आम बात है। पिछले वर्षों में भी रेल दुर्घटनाओं में हाथियों की मौत और घायल होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील रेल सेक्शनों पर स्पीड कंट्रोल, सिग्नलिंग सिस्टम और वन्यजीव चेतावनी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है।


जांच और राहत कार्य जारी

वन विभाग की प्राथमिकता घायल हाथी का उपचार और झुंड को सुरक्षित स्थान पर ले जाना है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौके के पास भीड़ न लगाएं, ताकि राहत कार्य में बाधा न हो।

घटना के बाद क्षेत्र में एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। रेल परिचालन कब तक सामान्य होगा, यह हाथियों की स्थिति और ट्रैक की सुरक्षा जांच पर निर्भर करेगा।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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