NeVA से डिजिटल होगी कार्यवाही, 19 मार्च तक चलेगा सत्र
Ranchi : झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से प्रारंभ होकर 19 मार्च तक चलेगा। 24 फरवरी को वित्त मंत्री वित्तीय वर्ष 2026-27 का आय-व्यय विवरण सदन में पेश करेंगे। सत्र से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों रणनीति बनाने में जुट गए हैं। हालांकि अभी तक किसी दल ने विधायक दल की बैठक की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार दोनों खेमे जल्द बैठक कर सकते हैं।
सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी और पहले दिन शोक प्रस्ताव भी लिया जाएगा।
NeVA के जरिए डिजिटल और पेपरलेस सत्र
इस बार का बजट सत्र तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधानसभा में नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) के माध्यम से कार्यवाही को डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। इससे सदन की कार्यवाही अधिक पारदर्शी और त्वरित होगी। प्रशासनिक स्तर पर तकनीकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं ताकि कार्यवाही सुचारु रूप से संचालित हो सके।
सरकार की उपलब्धियां बनाम विपक्ष के सवाल
मुख्यमंत्री हेमंत सोेरेन के नेतृत्व में सरकार बजट के माध्यम से अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत करने की तैयारी में है। अबुआ आवास, मंईयां सम्मान योजना और सर्वजन पेंशन जैसी योजनाएं सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होंगी।
वहीं विपक्षी दल—भाजपा और आजसू—कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, स्थानीय नीति और विकास कार्यों की स्थिति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वे जनहित से जुड़े सवालों पर सरकार से जवाब मांगेंगे।
बजट सत्र का संभावित कार्यक्रम
- 18 फरवरी: राज्यपाल का अभिभाषण, शोक प्रस्ताव
- 19 फरवरी: धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा
- 20 फरवरी: 2025-26 की तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी पेश
- 23 फरवरी: अनुपूरक बजट पर वाद-विवाद
- 24 फरवरी: 2026-27 का बजट (आय-व्यय विवरण) पेश
- 25 फरवरी: बजट पर सामान्य चर्चा
- 19 मार्च: गैर-सरकारी संकल्प के साथ सत्र का समापन
राजनीतिक दृष्टि से अहम क्यों है यह सत्र?
आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह बजट सत्र राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार जहां अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को रेखांकित करना चाहती है, वहीं विपक्ष इसे जवाबदेही तय करने के अवसर के रूप में देख रहा है।
NeVA के जरिए डिजिटल कार्यवाही की शुरुआत राज्य विधानसभा को तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बजट में किन क्षेत्रों—कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार—को प्राथमिकता मिलती है और विपक्ष किस तरह अपनी रणनीति के साथ सरकार को घेरता है।