Sports Desk : टी-20 वर्ल्ड कप में इस बार का पहला बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को 23 रन से हराकर टूर्नामेंट में हलचल मचा दी। यह दूसरी बार है जब जिम्बाब्वे ने टी-20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया को मात दी है। इससे पहले 2007 के लीग चरण में भी कंगारू टीम को झटका लगा था।
कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। जिम्बाब्वे ने 20 ओवर में 2 विकेट पर 169 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 19.3 ओवर में 146 रन पर सिमट गई।
ब्लेसिंग मुजरबानी ने 4 विकेट लेकर मैच का रुख पलट दिया। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी लड़खड़ाई
170 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत स्थिर नहीं रही। मैट रेनशॉ ने 65 रन की पारी खेली, जबकि ग्लेन मैक्सवेल ने 31 रन बनाए।
ट्रैविस हेड (17), मार्कस स्टोयनिस (6) और जोश इंग्लिस (8) बड़ा योगदान नहीं दे सके। टिम डेविड और कैमरन ग्रीन खाता खोले बिना आउट हो गए।
जिम्बाब्वे की ओर से मुजरबानी के अलावा इवांस ने 3 विकेट लिए।
ब्रायन बेनेट की जिम्मेदार पारी
जिम्बाब्वे की पारी की नींव ब्रायन बेनेट ने रखी। उन्होंने 56 गेंदों पर नाबाद 64 रन बनाए। यह उनका टी-20 वर्ल्ड कप में पहला अर्धशतक है।
तादिवानाशे मारुमनी और रयान बर्ल ने 35-35 रन का योगदान दिया। कप्तान सिकंदर रजा ने 13 गेंदों पर नाबाद 25 रन बनाए।
ऑस्ट्रेलिया के लिए मार्कस स्टोयनिस और कैमरन ग्रीन को एक-एक विकेट मिला।
ग्रुप बी में ऑस्ट्रेलिया पर दबाव
ग्रुप बी की अंक तालिका में ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर है। दो मैचों में एक जीत और एक हार के साथ उसके 2 अंक हैं। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए उसे अपने बाकी मुकाबले जीतने होंगे।
अब ऑस्ट्रेलिया के सामने श्रीलंका और ओमान के खिलाफ जीत दर्ज करने की चुनौती है। साथ ही अन्य टीमों के परिणाम भी समीकरण तय करेंगे।
उसी मैदान पर होगा भारत-पाक मुकाबला
यह वही मैदान है जहां 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होना है। जिस पिच पर ऑस्ट्रेलिया 170 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी, उसी पर होने वाला यह हाई-वोल्टेज मैच अब और भी दिलचस्प माना जा रहा है।
जिम्बाब्वे की इस जीत ने टूर्नामेंट को रोमांचक बना दिया है और यह संकेत भी दे दिया है कि इस वर्ल्ड कप में कोई भी टीम हल्के में नहीं ली जा सकती।