सेरेंगसिया से शहादत का संकल्प : जल-जंगल-जमीन की रक्षा में पूर्वजों ने सब कुछ न्योछावर किया : मुख्यमंत्री

Anand Kumar
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सभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन।

Chaibasa : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य के पूर्वजों ने अपनी पहचान, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती शूरवीरों की रही है और यहां के आदिवासी समाज ने आजादी की लड़ाई औपचारिक रूप से शुरू होने से पहले ही अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष छेड़ दिया था।

मुख्यमंत्री पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोटो प्रखंड अंतर्गत सेरेंगसिया में शहीदों को नमन सह परियोजनाओं के शिलान्यास-उद्घाटन एवं परिसंपत्ति वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सेरेंगसिया शहीद स्मारक पर शीश नवाकर अंग्रेजों के खिलाफ महासंग्राम में शहादत देने वाले पोटो हो सहित तमाम वीर महानायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।


झारखंड शूरवीरों की धरती, शहादत हमारी परंपरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड हमेशा से शूरवीरों की धरती रही है। ऐसा कोई वर्ष नहीं जाता जब हम किसी न किसी वीर शहीद का शहादत दिवस न मनाते हों। अपने शहीदों का सम्मान करना झारखंड की परंपरा है और इस परंपरा को और मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ी को अपने पूर्वजों के बलिदान और संघर्ष की जानकारी मिल सके।


आजादी से पहले अंग्रेजों से लोहा लिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश में आजादी की लड़ाई ने संगठित रूप नहीं लिया था, तब भी कोल्हान क्षेत्र समेत झारखंड के आदिवासियों ने अंग्रेजों के अन्याय, शोषण और जुल्म के खिलाफ संघर्ष किया। कोल विद्रोह इतिहास के पन्नों में दर्ज है। भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हु, नीलांबर-पीतांबर और पोटो हो जैसे महानायकों की शहादत की यह धरती साक्षी रही है।


आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक मजबूती जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक समाज आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और बौद्धिक रूप से मजबूत नहीं होगा, तब तक आगे बढ़ना संभव नहीं है। इसी दृष्टिकोण से सरकार नीतियां और योजनाएं चला रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने बच्चों को हर हाल में पढ़ाएं, सरकार हर स्तर पर सहयोग करेगी।

उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। निजी विद्यालयों की तर्ज पर उत्कृष्ट शिक्षा, मेडिकल-इंजीनियरिंग सहित प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग और विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति दी जा रही है, ताकि झारखंड के बच्चे भी ऊंचे पदों तक पहुंच सकें।


आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री मइंया सम्मान योजना के तहत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को हर वर्ष 30 हजार रुपये दिए जा रहे हैं, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। इसके अलावा भी कई योजनाओं के माध्यम से राज्यवासियों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


197 विकास योजनाओं की सौगात

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 398 करोड़ 19 लाख 35 हजार 298 रुपये की लागत से 197 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें 224 करोड़ 78 लाख 77 हजार 843 रुपये की 122 योजनाओं का शिलान्यास और 173 करोड़ 40 लाख 57 हजार 405 रुपये की 75 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है।
इसके साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत 3 लाख 77 हजार 256 लाभार्थियों के बीच 637 करोड़ 43 लाख 13 हजार 500 रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया तथा 1479 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।


कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

इस अवसर पर मंत्री दीपक बिरुवा, सांसद जोबा मांझी, विधायक निरल पूर्ति, दशरथ गागरई, सुखराम उरांव, सोनाराम सिंकू, सविता महतो, समीर मोहंती, संजीव सरदार, जगत मांझी, सोमेश चंद्र सोरेन, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरीन, डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, उपायुक्त चंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेणु सहित अन्य उपस्थित रहे।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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