IPL से लेकर धर्म तक: KKR और मुस्तफिजुर के बहाने नई सियासत | KKR Mustafizur controversy

श्रीनिवास
KKR Mustafizur controversy : इनको हिंदू-मुस्लिम करने का कोई बहाना चाहिए। नया बहाना आईपीएल की टीम केकेआर में बांग्लादेश के एक क्रिकेट खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को लिये जाने का है। ‘हिंदू वीर’ अचानक भड़क गये हैं। भाजपा के एक दबंग नेता संगीत सोम ने धमकी दी है कि यदि उस खिलाड़ी को हटाया नहीं गया, तो टीम को लखनऊ में खेलने नहीं दिया जाएगा। एक कथावचक भी ऐसा ही कुछ उवाचे हैं!
मेरे खयाल से इसका एक अतिरिक्त कारण है, ‘केकेआर’ शाहरुख खान की टीम है! वैसे भी कष्ट बांग्लादेश के क्रिकेट खिलाड़ी से नहीं, मुसलिम खिलाड़ी से है। बांग्लादेश की टीम में तो हिंदू खिलाड़ी भी खेलते रहे हैं- लिटन दास, सौम्य सरकार, रंजन दास,आलोक कपाली, रोनी तालुकदार, सुभाशीष रॉय इत्यादि।
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संगीत सोम को योगी जी का करीबी माना जाता है, मोदी जी भी जानते ही होंगे। सरकार से कह कर उस खिलाड़ी का वीजा ही रद्द करा सकते हैं। बीसीसीआई के बॉस जय शाह अपने ‘खास’ ही हैं। पाकिस्तान और बांग्लादेश से हमारा खेल संबंध क्यों बना हुआ है? कम से कम केकेआर टीम को ही बैन करवा दें! शाहरुख खान को धमकाने की क्या जरूरत है!
मोदी जी चाहें तो बांग्लादेश से रिश्ता खत्म कर उसे शत्रु देश घोषित कर सकते हैं! दिल्ली में अब भी बांग्लादेश का दूतावास चल रहा है। मोदी जी से पूछना चाहिए कि बांग्लादेश की पूर्व (भगोड़ी प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद को मेहमान बना कर क्यों रखे हुए हैं? यह भी कि हमारे विदेश मंत्री 31 दिसंबर को बांग्लादेश की एक और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को सुपुर्दे खाक किये जाने के समय ढाका क्यों चले गये?
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वैसे वे या उन जैसे हिंदू वीर इस बात का जवाब तो नहीं ही देंगे कि जब आप अपने देश में मुसलमानों और ईसाइयों का जीना हराम करते हैं, तो किसी और देश की सरकार से अपने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करने की उम्मीद भी कैसे कर सकते हैं! बांग्लादेश में जो हो रहा है बेशक निंदनीय है, मगर आपको बांग्लादेश दिख रहा है! आपकी करतूतों की प्रतिक्रिया तो अब आस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूरोपीय देशों में होने लगी है! यह आशंका अकारण नहीं है कि इसका नतीजा उन देशों में रह रहे भारतीय हिंदू भुगतेंगे!
आप तो अपने देश के उन ‘हिंदुओं’ की भी हत्या कर सकते हैं, जो भिन्न नस्ल का है, जो ‘दिखने’ में भारतीय नहीं लगता। हालिया उदाहरण त्रिपुरा के एंजेल चकमा का है, जिसे एक ‘डबल इंजन’ राज्य में उन्मादी भीड़ ने पीट-पीट का मार डाला। और दावा करते हैं ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का!
कम से कम खेल को तो बख्श दीजिए महाप्रभु!
disclaimer : ये लेखक के निजी विचार हैं