बिहार की राजनीति में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने बयान से तबाही मचा दी है। उन्होंने यह कह दिया है कि, “मैं मरा नहीं हूं, वापस आऊंगा।” उनके इस बयान का ऐसे समय में आया जब बिहार ही राजनीति में उनकी भूमिका और भविष्य को लेकर लगातार चर्चाएं तेज है।
प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहता है लेकिन इससे उनके इरादे कमजोर नहीं होंगे। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह जनता के बीच पहले की तरह सक्रिय रहेंगे एवं बिहार की राजनीति में अपनी लड़ाई को जारी रखेंगे। उनका साफ कहना है कि कुछ लोग मान बैठे हैं कि उनका राजनीतिक अध्याय खत्म हो गया है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।
प्रशांत किशोर ने अपने समर्थकों से निराश न होने की अपील करते हुए यह कहा है कि यह सब केवल एक पड़ाव है, कोई अंत नहीं। उन्होंने भरोसा जाता दिया है कि आने वाले समय में वह और भी मजबूती के साथ जनता की विश्व लौटेंगे तथा अपने राजनीतिक अभियान को आगे की ओर बढ़ाएंगे।
उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह के मायने निकालकर दिखाई दिए जा रहे हैं। इससे यह भी माना जाएगा कि उन्होंने अपने विरोधियों को सीधा संदेश दिया कि वह अभी राजनीतिक दूर से बाहर नहीं हुए हैं और आने वाले समय में फिर से सक्रिय भूमिका को बेहद बेहतरीन तरीके से निभाएंगे।