हेमंत सरकार का बड़ा फैसला, कार्मिक विभाग ने जारी किया संकल्प
Ranchi : झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 (14वीं JPSC) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को राज्य सरकार ने आयु सीमा में विशेष छूट देकर महत्वपूर्ण राहत दी है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने 21 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अनुमोदन के बाद संकल्प जारी किया, जिसके तहत अधिकतम आयु की गणना 1 अगस्त 2022 के आधार पर की जाएगी।
मूल रूप से अधिकतम आयु की कट-ऑफ 1 अगस्त 2026 थी, जिससे कई अभ्यर्थी ओवरएज की स्थिति में आ रहे थे। सरकार के इस निर्णय से वे उम्मीदवार भी आवेदन कर सकेंगे, जो परीक्षा आयोजन में अनियमितता के कारण आयु सीमा पार कर रहे थे।
अनियमित परीक्षाएं और हाईकोर्ट का निर्देश
राज्य गठन के बाद पिछले 25 वर्षों में सीमित संख्या में सिविल सेवा परीक्षाएं आयोजित होने के कारण आयु-छूट की मांग तेज हुई थी। अभ्यर्थियों ने ज्ञापन, सोशल मीडिया अभियान, प्रदर्शन और न्यायिक हस्तक्षेप के माध्यम से मुद्दा उठाया।
झारखंड हाईकोर्ट की जस्टिस आनंद सेन की पीठ ने 21 फरवरी 2026 को निर्देश दिया कि आयु-छूट से संबंधित याचिकाकर्ताओं के आवेदन ऑनलाइन स्वीकार किए जाएं। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने व्यापक संकल्प जारी कर सभी अभ्यर्थियों के लिए छूट लागू की।
नई आयु सीमा के नियम
- अधिकतम आयु (उपरी सीमा): 1 अगस्त 2022 के आधार पर गणना
- न्यूनतम आयु: 1 अगस्त 2026 के आधार पर यथावत
- यह छूट केवल 14वीं CCE-2025 के लिए लागू
सामान्य आयु सीमा (अनारक्षित वर्ग)
- न्यूनतम: 21 वर्ष
- अधिकतम: 35 वर्ष
आरक्षित वर्गों को अतिरिक्त छूट
- अत्यंत पिछड़ा/पिछड़ा वर्ग (पुरुष): 2 वर्ष
- महिलाएं (अनारक्षित/पिछड़ा/अत्यंत पिछड़ा): 3 वर्ष
- अनुसूचित जाति/जनजाति: 5 वर्ष
- दिव्यांग (PwBD): 10 वर्ष (अपने वर्ग में)
- पूर्व सैनिक: 5 वर्ष
- राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी (3 वर्ष सेवा): 5 वर्ष
पद और आवेदन प्रक्रिया
- कुल रिक्तियां: 148 (सीधी भर्ती 103, बैकलॉग 45)
- विज्ञापन संख्या: 01/2026
- आवेदन: ऑनलाइन माध्यम से झारखंड लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर
- योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री
पद झारखंड प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, वित्त सेवा, शिक्षा सेवा सहित विभिन्न संवर्गों में हैं।
परीक्षा पैटर्न
तीन चरण:
- प्रारंभिक परीक्षा (दो पेपर, 200-200 अंक, वस्तुनिष्ठ)
- मुख्य परीक्षा (6 पेपर, कुल 1050 अंक)
- साक्षात्कार (100 अंक)
प्रारंभिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं है।
राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव
यह निर्णय विधानसभा में उठे सवालों और न्यायिक हस्तक्षेप के बाद आया है। हालांकि कुछ अभ्यर्थी 2018 को आधार वर्ष बनाने की मांग पर कायम हैं, लेकिन सरकार ने रिक्तियों और नियमावली की समीक्षा के बाद 2022 को संतुलित आधार माना।
विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला युवाओं के असंतोष को कम करने और भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने की दिशा में अहम कदम है। अब निगाहें परीक्षा कार्यक्रम और आगे की अधिसूचनाओं पर टिकी हैं।