रांची: झारखंड हाईकोर्ट को तीन नए न्यायाधीश मिले हैं। न्यायिक अधिकारी मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक ने तीनों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। झारखंड हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 23 सितंबर को सुबह 10:15 बजे शपथ ग्रहण समारोह की सूचना जारी की गई थी।

केंद्र सरकार ने जारी की थी नियुक्ति की अधिसूचना
इससे पहले 19 सितंबर को केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने तीनों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को झारखंड हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर को हुई बैठक में इन तीनों न्यायिक अधिकारियों के नामों की अनुशंसा की थी।
तीनों न्यायिक अधिकारी झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस कैडर से आते हैं। नियुक्ति से पहले मनोज प्रसाद गढ़वा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अखिल कुमार साहिबगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और राम शर्मा डालटनगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे।
हाईकोर्ट की न्यायिक क्षमता बढ़ी
तीन नए जजों की नियुक्ति के बाद झारखंड हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 16 हो गई है। हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पद 25 हैं। नियुक्ति से पहले 13 न्यायाधीश कार्यरत थे और 12 पद खाली थे।
शपथ ग्रहण के बाद तीनों न्यायाधीश अब हाईकोर्ट में न्यायिक कार्य संभालेंगे। उनके मामलों का आवंटन मुख्य न्यायाधीश द्वारा तय रोस्टर के अनुसार किया जाएगा।
जस्टिस मनोज प्रसाद का संक्षिप्त परिचय
मनोज प्रसाद का जन्म 1973 में देवघर में हुआ था। उन्होंने देवघर के सेंट फ्रांसिस स्कूल से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और पटना विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। वर्ष 1998 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी पूरी की। 1999 में बिहार स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन के बाद उन्होंने मुख्य रूप से देवघर जिला न्यायालय में वकालत की।
अखिल कुमार साहिबगंज में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 10 सितंबर की बैठक में उनके नाम को भी हाईकोर्ट जज के लिए मंजूरी दी गई थी।
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