Iran Israel Conflict Update : पश्चिम एशिया में शनिवार को हालात अचानक बिगड़ गए जब इजराइल ने ईरान की राजधानी Tehran समेत कई शहरों पर हवाई हमले किए। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में दक्षिणी ईरान के एक स्कूल परिसर पर मिसाइल गिरने और भारी हताहतों का दावा किया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जारी है।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि हमलों में ईरान के रक्षामंत्री अमीर नासिरजादेह और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपोर की मौत हुई। आधिकारिक स्तर पर विस्तृत पुष्टि का इंतजार है।
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‘लायंस रोअर’ ऑपरेशन और इजराइल का दावा
इजराइल ने इस सैन्य अभियान को “लायंस रोअर” नाम दिया है। इजराइली सेना Israel Defense Forces (IDF) ने इसे “प्रिवेंटिव एक्शन” बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई संभावित खतरों को निष्क्रिय करने के उद्देश्य से की गई।
इजराइल के अनुसार, हमलों का लक्ष्य सैन्य प्रतिष्ठान और मिसाइल इन्फ्रास्ट्रक्चर थे। तेल अवीव और अन्य शहरों में हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय की गई है।
अमेरिका की भूमिका और ट्रम्प का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने वीडियो संदेश में कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी नागरिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए आवश्यक थी। अमेरिकी प्रशासन ने क्षेत्र में अपने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में अमेरिका-इजराइल के संयुक्त सैन्य समन्वय की चर्चा है, हालांकि विस्तृत आधिकारिक जानकारी सीमित है।
ईरान का जवाब: मिसाइल दागे जाने का दावा
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजराइल की ओर सैकड़ों मिसाइलें दागने का दावा किया है। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों—कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और यूएई—में अमेरिकी ठिकानों के आसपास सुरक्षा अलर्ट बढ़ाया गया है।
क्षेत्रीय वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय रहीं और कई जगहों पर मिसाइल इंटरसेप्शन की खबरें सामने आईं। विभिन्न देशों की सरकारों ने स्थिति पर करीबी नजर रखने की बात कही है।
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परमाणु वार्ता के बीच बढ़ा तनाव
यह सैन्य टकराव ऐसे समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता चल रही थी। बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम वार्ता का प्रमुख विवाद बिंदु बना हुआ है।
ईरान का कहना है कि उसका मिसाइल कार्यक्रम रक्षात्मक है और यह उसकी “रेड लाइन” है। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि बातचीत केवल परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि ताजा घटनाक्रम वार्ता प्रक्रिया को जटिल बना सकता है।
वैश्विक असर: तेल बाजार और कूटनीतिक हलचल
मध्य-पूर्व में अस्थिरता का असर वैश्विक तेल बाजार, शिपिंग रूट और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है।
यदि संघर्ष लंबा खिंचता है, तो खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर प्रभाव की आशंका बढ़ सकती है।
फिलहाल दोनों पक्षों के दावे और प्रतिदावे जारी हैं। आधिकारिक पुष्टि और स्वतंत्र जांच के बाद ही हताहतों और क्षति की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।
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