जमशेदपुर: चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में पुलिस विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। तत्कालीन एसएसपी पीयूष पांडेय, सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी और बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब सीसीआर डीएसपी मनोज कुमार ठाकुर भी विभागीय जांच के घेरे में आ गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, जमशेदपुर सिटी एसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर रांची जोन के आईजी सह एडीजी सीआईडी ने डीएसपी मनोज कुमार ठाकुर के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा पुलिस मुख्यालय को भेजी थी। पुलिस मुख्यालय ने इस अनुशंसा से सहमति जताते हुए आगे की कार्रवाई के लिए अपनी अंतिम संस्तुति राज्य सरकार को भेज दी है।
डीएसपी पर क्या हैं आरोप?
विभागीय जांच रिपोर्ट और सूत्रों के अनुसार, डीएसपी मनोज कुमार ठाकुर पर घटना के दौरान कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है। आरोप है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद उन्होंने समय पर आवश्यक कदम नहीं उठाए।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिष्टुपुर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ने के बावजूद डीएसपी समय पर घटनास्थल नहीं पहुंचे। उनके पर्यवेक्षण और निगरानी में कमी पाए जाने की बात कही गई है, जिसके कारण हालात और बिगड़े तथा अपराधियों को वारदात को अंजाम देने का अवसर मिला।
पहले भी कई अधिकारियों पर हो चुकी है कार्रवाई
इस मामले में इससे पहले तत्कालीन एसएसपी पीयूष पांडेय, सरायकेला-खरसावां की तत्कालीन एसपी निधि द्विवेदी और बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है। अब डीएसपी मनोज कुमार ठाकुर का नाम भी कार्रवाई की सूची में शामिल होने से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि सरकार और पुलिस मुख्यालय मामले में जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।
हालांकि, अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
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