रांची: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के आंदोलन के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) झारखंड में जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है। पार्टी प्रदेश में ‘लोकतंत्र बचाओ–अराजकता हटाओ’ अभियान चलाएगी। इसके तहत विभिन्न जिलों में पदयात्रा, प्रेस कॉन्फ्रेंस और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश भाजपा ने अभियान को सफल बनाने के लिए वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी भी सौंप दी है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल वर्णवाल ने बताया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से केंद्र सरकार तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन के जवाब में पार्टी ने यह अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष बिना ठोस साक्ष्य के भाजपा और चुनाव आयोग पर आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने तथा देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्ष के कथित दुष्प्रचार का जवाब जनता के बीच जाकर देगी। पार्टी का मानना है कि विपक्षी दल युवाओं और आम लोगों को भ्रमित कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा इन मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान चलाएगी।
2 या 3 नवंबर से शुरू हो सकती है पदयात्रा
प्रदेश भाजपा की योजना के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में पदयात्रा कार्यक्रम 2 या 3 नवंबर से शुरू किए जा सकते हैं। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। अभियान के जरिए भाजपा विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और अपनी बात जनता तक पहुंचाने की कोशिश करेगी।
छह वरिष्ठ नेताओं को मिली जिलों की जिम्मेदारी
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर छह वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जिलों में अभियान के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने पदयात्रा के सफल आयोजन और संगठनात्मक समन्वय के लिए जिला प्रभारियों की नियुक्ति की है।
जिम्मेदारियों का विवरण इस प्रकार है:
- जमशेदपुर: राज सिन्हा, झारखंड विधानसभा में भाजपा के सचेतक
- रांची: मनोज सिंह, प्रदेश महामंत्री
- हजारीबाग: बिरंची नारायण, पूर्व विधायक
- पलामू: नीलकंठ सिंह मुंडा, प्रदेश उपाध्यक्ष
- गिरिडीह: अमर कुमार बाउरी, प्रदेश महामंत्री
- दुमका: गणेश मिश्र, प्रदेश महामंत्री
इन नेताओं को अपने-अपने जिलों में पदयात्रा की रूपरेखा तैयार करने, स्थानीय संगठन के साथ समन्वय स्थापित करने और कार्यक्रम को प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
विपक्ष के आंदोलन के जवाब में भाजपा की रणनीति
भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ–अराजकता हटाओ’ अभियान ऐसे समय में सामने आया है, जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठा रहे हैं। भाजपा इस अभियान के जरिए विपक्ष के आरोपों का राजनीतिक जवाब देने के साथ-साथ अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता के बीच अपनी बात रखने की तैयारी में है।
अब देखना होगा कि नवंबर की शुरुआत में प्रस्तावित पदयात्राओं के जरिए भाजपा अपने संदेश को प्रदेश के विभिन्न जिलों में कितना प्रभावी ढंग से पहुंचा पाती है।
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