रांची नगर निगम ने अतिक्रमण से मुक्त कराई गई अपनी जमीनों को सुरक्षित करने की कवायद शुरू कर दी है, जिसमें नगर निगम की ओर से ऐसी जमीनों का सीमांकन कराने के बाद अब उनकी घेराबंदी कराई जा रही है, जिसमें उद्देश्य जमीन को दोबारा अतिक्रमण की चपेट में आने से बचाना है। पिछले एक साल के दौरान रांची के नगर निगम ने एदलहातू, कुसुम विहार, करमटोली तलाब, ग्वाला टोली, दोरंडा एवं थरपखना स्थित उर्दू स्कूल समेत कई इलाकों में अपनी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाया है। अब इन स्थानों पर सीमांकन के बाद बाउंड्री वॉल का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसके अलावा बड़ा खागरा, मणिटोला, पिंजड़ा पोल गौशाला, दोरंडा बाजार एवं बुटीमोर के पास स्थित निगम की जमीन की भी घेराबंदी की जा रही है।
नगर निगम का यह कहना है कि जमीन को सुरक्षित करने के साथ-साथ भविष्य में इनका इस्तेमाल जनहित से जुड़ी योजनाओं के लिए भी किया जाएगा। रांची नगर निगम की योजना इन जमीनों को केवल खाली रखने या अतिक्रमण से बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के अनुसार यहां वेंडिंग जोन, लेबर चौक, लाइब्रेरी और आश्रयगृह जैसी सुविधाएं विकसित भी की जा सकती हैं। इसी के साथ कुछ स्थानों पर तो स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन से जुड़ी आधारभूत संचार नाएं भी विकसित करने की योजना है। इस तरह निगम की जमीन का इस्तेमाल शहरवासियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जनहित के कार्यों में भी किया जाएगा।