रांची: छात्रों के आंदोलन के बाद दर्ज मुकदमों को वापस लेने और JPSC-JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग को लेकर भाजपा का राज्यव्यापी आंदोलन मंगलवार से शुरू हो गया। पार्टी कार्यकर्ता राज्य के अलग-अलग जिलों में सड़क पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा ने 8 से 11 सितंबर तक राज्यभर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और DC-SP कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम तय किया है।
- रांची में जुलूस निकालकर समाहरणालय का घेराव
- आदित्य साहू बोले- छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं
- सीपी सिंह का आरोप- CBI जांच से सरकार के लोग फंस सकते हैं
- दुमका से गढ़वा तक बड़े नेताओं ने संभाली कमान
- 8 से 11 सितंबर तक 24 जिला मुख्यालयों पर आंदोलन
- इन नेताओं को मिली जिलों की जिम्मेदारी
- भाजपा के आंदोलन से गरमाई झारखंड की राजनीति
रांची में जुलूस निकालकर समाहरणालय का घेराव
आंदोलन के पहले दिन रांची, दुमका, हजारीबाग, जमशेदपुर और गढ़वा समेत कई जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। रांची में जिला स्कूल, शहीद चौक से भाजपा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए समाहरणालय पहुंचे। यहां समाहरणालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ विरोध जताया गया।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में हटिया विधायक नवीन जायसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, पूर्व सांसद दीपक प्रकाश और रांची की मेयर रोशनी खलखो समेत कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने और JPSC-JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने की मांग उठाई।
आदित्य साहू बोले- छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं
समाहरणालय के समक्ष भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा छात्रों के आंदोलन के साथ खड़ी रही है। उनके मुताबिक परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर सरकार ने कार्रवाई की और मुकदमे दर्ज किए।
आदित्य साहू ने कहा कि पूरे मामले की CBI जांच होनी चाहिए और छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि 8 सितंबर से शुरू हुआ भाजपा का आंदोलन 11 सितंबर तक राज्य के सभी जिलों में चलेगा।
सीपी सिंह का आरोप- CBI जांच से सरकार के लोग फंस सकते हैं
रांची विधायक सीपी सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जानबूझकर मामले की CBI जांच नहीं कराना चाहती। उन्होंने दावा किया कि जांच होने पर सरकार से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
वहीं हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि यदि सरकार पूरी तरह पाक-साफ है तो उसे CBI जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने की भी मांग की।

दुमका से गढ़वा तक बड़े नेताओं ने संभाली कमान
भाजपा ने इस आंदोलन को राज्यव्यापी स्वरूप देने के लिए अपने वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी है।
दुमका में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आंदोलन की अगुवाई की। हजारीबाग में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, जमशेदपुर में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और गढ़वा में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ आंदोलन में शामिल हुए।
इन जिलों में भी भाजपा नेताओं ने JPSC-JSSC समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच और छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग दोहराई।

8 से 11 सितंबर तक 24 जिला मुख्यालयों पर आंदोलन
भाजपा के अनुसार चार दिवसीय आंदोलन के तहत 8 से 11 सितंबर तक राज्य के 24 जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान DC और SP कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम भी रखा गया है।
8 सितंबर
पहले दिन रांची, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा में आंदोलन किया गया।
9 सितंबर
दूसरे दिन कोडरमा, साहिबगंज, बोकारो, पलामू, सिमडेगा और चाईबासा में प्रदर्शन होगा।
10 सितंबर
तीसरे दिन सरायकेला-खरसावां, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा में भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे।
11 सितंबर
आंदोलन के अंतिम दिन रामगढ़, देवघर, लोहरदगा, खूंटी, गोड्डा और जामताड़ा में प्रदर्शन और DC-SP कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम है।
इन नेताओं को मिली जिलों की जिम्मेदारी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू 8 सितंबर को रांची, 9 सितंबर को सरायकेला और 11 सितंबर को खूंटी में शामिल होंगे।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी 8 सितंबर को दुमका, 9 सितंबर को पाकुड़, 10 सितंबर को साहिबगंज और 11 सितंबर को गोड्डा में आंदोलन में शामिल होंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास 8 सितंबर को हजारीबाग, 10 सितंबर को धनबाद और 11 सितंबर को लोहरदगा पहुंचेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा 8 सितंबर को जमशेदपुर, 9 सितंबर को बोकारो और 11 सितंबर को रामगढ़ में आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।
एसटी मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव 9 सितंबर को सिमडेगा, 10 सितंबर को गुमला और चाईबासा तथा 11 सितंबर को गिरिडीह में शामिल होंगे।
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ 8 सितंबर को गढ़वा में, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय 10 सितंबर को चतरा और 11 सितंबर को जामताड़ा में आंदोलन में शामिल होंगे।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश 9 सितंबर को पलामू और 10 सितंबर को लातेहार, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल 9 सितंबर को कोडरमा और पूर्व मंत्री नीरा यादव 11 सितंबर को देवघर में कार्यक्रम में शामिल होंगी।
भाजपा के आंदोलन से गरमाई झारखंड की राजनीति
छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच को लेकर भाजपा के इस राज्यव्यापी आंदोलन ने झारखंड की राजनीति को गरमा दिया है। चार दिनों तक 24 जिला मुख्यालयों में होने वाले प्रदर्शन के जरिए भाजपा ने इस मुद्दे को राज्यव्यापी राजनीतिक आंदोलन का रूप देने की कोशिश की है।
अब नजर इस बात पर होगी कि सरकार इस आंदोलन पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या छात्रों पर दर्ज मुकदमों तथा JPSC-JSSC CGL परीक्षा से जुड़े आरोपों को लेकर कोई ठोस कदम उठाया जाता है।
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