हरसिंहरायडीह श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई मंत्री-विधायक पहुंचे; झारखंड में दो दिन का राजकीय शोक
गिरिडीह: झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदीव्य कुमार सोनू का रविवार तड़के हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनके निधन से झारखंड की राजनीति और गिरिडीह में शोक की लहर है। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचे।
सुदीव्य कुमार सोनू के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा गया। इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली गई। उसरी नदी घाट स्थित हरसिंहरायडीह श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे श्रेयस ने पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान उनकी बेटियां भी मौजूद रहीं।
हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सुदीव्य कुमार सोनू के निधन की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत सरकार के कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता गिरिडीह पहुंचे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने दिवंगत मंत्री के पार्थिव शरीर पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
श्रद्धांजलि के दौरान कल्पना सोरेन भावुक नजर आईं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
अंतिम संस्कार में मंत्री संजय यादव, इरफान अंसारी, हफीजुल हसन अंसारी, दीपिका पांडेय सिंह, सांसद नलिन सोरेन, टुंडी विधायक मथुरा महतो, सारठ विधायक चुन्ना सिंह समेत कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
झारखंड में दो दिन का राजकीय शोक
सुदीव्य कुमार सोनू के निधन पर झारखंड सरकार ने दो दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी उनके निधन के मद्देनजर अपने सभी प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। पार्टी की ओर से सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा गया कि जीवन की क्षणभंगुरता ने एक बार फिर पार्टी और समर्थकों को गहरे दुख में छोड़ दिया है।
रात करीब 2:15 बजे अस्पताल पहुंचे थे सुदीव्य सोनू
जानकारी के मुताबिक, सुदीव्य कुमार सोनू को रात में सीने में तेज दर्द हुआ। उन्हें इलाज के लिए गिरिडीह के मर्सी अस्पताल ले जाया गया। इलाज करने वाले डॉक्टर शहजाद शेख ने बताया कि मंत्री रात करीब 2:15 बजे अस्पताल पहुंचे थे और उन्हें लगभग दो घंटे से सीने में दर्द था।
डॉक्टर के अनुसार, दर्द के दौरान उन्हें उल्टी भी हुई थी, जिसका कुछ हिस्सा फेफड़ों में चला गया था। तत्काल इलाज शुरू किया गया और सांस की नली को साफ किया गया।
इसके बाद ईसीजी की गई, जिसमें हार्ट अटैक के लक्षण मिले। इस दौरान उनका ब्लड प्रेशर भी नहीं मिल रहा था। डॉक्टरों ने सीपीआर समेत तमाम प्रयास किए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। करीब 10 से 15 मिनट के भीतर ही उनकी स्थिति बेहद गंभीर हो गई और सुबह करीब 4 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
डॉक्टर ने बताया कि सुदीव्य सोनू को पहले से ब्लड प्रेशर और शुगर की शिकायत थी।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
सुदीव्य कुमार सोनू के निधन की खबर फैलते ही गिरिडीह में बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। उनके पार्थिव शरीर को शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से होते हुए आवास तक ले जाया गया।
सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ जमा रही। लोगों ने हाथ जोड़कर अपने जनप्रतिनिधि को अंतिम विदाई दी। कई समर्थक और आम लोग भावुक नजर आए। स्थानीय लोगों ने कहा कि सुदीव्य कुमार सोनू का असमय निधन गिरिडीह के लिए अपूरणीय क्षति है।
यह भी पढ़ें – नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से तबाही, सुरंग से 9 दिन बाद जिंदा निकले 2 मजदूर