शुक्रवार को सभी जिला मुख्यालयों में सीएम का पुतला दहन, JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच का ऐलान- अब होगा उलगुलान

Anand Kumar
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रांची। झारखंड हाईकोर्ट के फैसले के बाद JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन फिर तेज करने का ऐलान किया है। मंच ने घोषणा की है कि शुक्रवार को झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। मंच के नेताओं ने कहा कि छात्रों की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

रांची प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में मंच के प्रवक्ता रविंद्र कुमार पासवान, पीयूष कुमार और कुणाल प्रताप सिंह ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और परीक्षा माफिया के खिलाफ है।

‘छात्रों की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई’

रविंद्र कुमार पासवान ने कहा कि मंच के नेतृत्व में छात्र लगातार जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे थे। उनकी मांग है कि जिन परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जांच को लेकर लिए गए फैसले के बाद छात्रों को उम्मीद जगी थी कि मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन हाईकोर्ट में सरकार की ओर से रखे गए पक्ष के बाद छात्रों में निराशा पैदा हुई है।

‘सरकारी वकील ने छात्रों का पक्ष मजबूती से नहीं रखा’

रविंद्र कुमार पासवान ने हाईकोर्ट में सरकार की ओर से रखी गई दलीलों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी वकील ने छात्रों के पक्ष से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को अदालत के सामने मजबूती से नहीं रखा।

उन्होंने इसे छात्रों के लिए एक तरह का ‘ट्रैप’ बताते हुए कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं दिखी। उनके मुताबिक, अदालत में सरकार के रुख से छात्रों के बीच यह भावना पैदा हुई कि उनके साथ भरोसा तोड़ा गया है।

हालांकि, मंच के इन आरोपों पर सरकार या उसके पक्ष की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

‘छात्र पढ़ाई करें या कानूनी दांव-पेंच में उलझें?’

रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्रों का भविष्य परीक्षा और नियुक्ति व्यवस्था से जुड़ा है। ऐसे में छात्रों को पढ़ाई करनी चाहिए या लगातार कानूनी दांव-पेंच में उलझे रहना चाहिए, यह उचित स्थिति नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को खत्म करने की कोशिश की गई। पासवान ने कहा कि छात्रों ने सरकार पर भरोसा किया था, लेकिन अब उन्हें लग रहा है कि उनके साथ धोखा हुआ है।

शुक्रवार को पूरे झारखंड में पुतला दहन

मंच ने आंदोलन को फिर से तेज करने की रणनीति का ऐलान करते हुए कहा कि शुक्रवार को सभी जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जाएगा।

इसके बाद आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही गई है। मंच ने राज्यभर के छात्रों से आंदोलन में शामिल होने और एकजुट रहने की अपील की है।

‘जरूरत पड़ी तो आंदोलन और व्यापक होगा’

प्रेस वार्ता में पीयूष ने कहा कि छात्रों की मांगों को नजरअंदाज करने का परिणाम आंदोलन के रूप में सामने आएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि झारखंड में एक बार फिर ‘उलगुलान’ की स्थिति बनेगी और छात्रों के अधिकार के लिए संघर्ष जारी रहेगा। पीयूष ने यह भी कहा कि अगर आंदोलन के दौरान जेल जाना पड़े तो छात्र पीछे नहीं हटेंगे।

पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग

JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों पर सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग की है।

मंच के नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन का स्वरूप और व्यापक किया जाएगा। इसके लिए छात्रों से एकजुट रहने और आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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