झारखंड में JPSC 11वीं-13वीं परीक्षा को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, नियुक्त अधिकारियों को राहत

Anand Kumar
2 Min Read

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच 20 अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट ने एक बड़ा आदेश दे दिया है। अदालत ने जेपीएससी की इग्यारहवीं से तेरहवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती को रद्द करने के रद्द सरकार के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दिया है। इसके साथ ही, इन परीक्षाओं के आधार पर की गई नियुक्तियों को भी रद्द करने का आदेश दिया गया है, के आदेश पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने झारखंड सरकार से इस मामले में जवाब मांगते हुए अगली सुनवाई 15 सितंबर को रखा है। वहीं, इग्यारहवीं से तेरहवीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के जरिए 342 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति सौंपी गई थी लेकिन अगस्त 2026 में झारखंड सरकार ने कथित अनियमितताओं के आधार पर कई भर्ती परीक्षाओं एवं प्रक्रियाओं को रद्द करने का फैसला ले लिया है। इनमें इग्यारहवीं से तेरहवीं जेपीएससी परीक्षा शामिल थी।

सरकार के इस फैसले का सीधा असर उन 342 अधिकारियों पर पड़ा है जो चयन के बाद सरकारी सेवा में योगदान कर रहे थे। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल इन अधिकारियों को राहत मिल चुकी है। जेपीएससी इग्यारहवीं, बारहवीं एवं तेरहवीं सिविल सेवा परीक्षा के जरिए नियुक्त करीब 200 उप-सहायता की ट्रेनिंग भी सरकार के फैसले से प्रभावित हुई है और ये अधिकारी प्रशिक्षण के बाद जिलों में प्रवेश प्रॉबेशन पीरियड में काम कर रहे थे।

Share This Article
Follow:
वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *