NDPS केस से नाम हटाने के लिए मांगी रिश्वत, 15 हजार लेते रंगे हाथ पकड़े गए बंदगांव थाना प्रभारी मनीष कुमार

Anand Kumar
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चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। बंदगांव थाना प्रभारी मनीष कुमार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते ACB ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि थाना प्रभारी ने NDPS एक्ट के एक मामले से शिकायतकर्ता के भाई का नाम हटाने के एवज में पहले 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।

ACB की कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोपी थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर टीम आगे की कार्रवाई में जुटी है।

NDPS केस से नाम हटाने के लिए मांगे थे 20 हजार

ACB की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, बंदगांव थाना क्षेत्र के निवासी विजयराय मुंडू ने पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जमशेदपुर को लिखित आवेदन देकर शिकायत की थी।

शिकायत में बताया गया था कि बंदगांव थाना कांड संख्या 07/2025, NDPS एक्ट के मामले में शिकायतकर्ता के भाई लाछो मुंडू उर्फ गुर्जर का नाम दर्ज है। इस मामले से नाम हटाने के लिए बंदगांव थाना प्रभारी मनीष कुमार द्वारा 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था। इसके बाद उसने मामले की शिकायत ACB से की।

सत्यापन में 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने की हुई पुष्टि

शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जमशेदपुर के अधिकारियों ने मामले का विधिवत सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान थाना प्रभारी मनीष कुमार द्वारा 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।

इसके बाद ACB ने कार्रवाई की योजना बनाई।

ACB ने बिछाया जाल, रिश्वत लेते दबोचा

शिकायत और सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जमशेदपुर थाना कांड संख्या 04/2026, दिनांक 19 अगस्त 2026 दर्ज किया गया। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 7(ए) के तहत दर्ज किया गया।

इसके बाद ACB ने ट्रैप टीम का गठन किया।

योजना के तहत 20 अगस्त को कार्रवाई की गई। ट्रैप के दौरान बंदगांव थाना प्रभारी मनीष कुमार शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़े गए। ACB की टीम ने उन्हें मौके से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

थाना प्रभारी स्तर के पुलिस अधिकारी की रिश्वत लेते गिरफ्तारी से पश्चिमी सिंहभूम पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। ACB की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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