रांची : JSSC-CGL परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच सोमवार को नामकुम स्थित झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) कार्यालय में CID की टीम पहुंची। जांच टीम ने आयोग के दस्तावेज और परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। इस दौरान JSSC के सचिव सुधीर गुप्ता से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
CID की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्र लगातार 24वें दिन आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच आज दोपहर सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच अहम वार्ता भी होनी है। छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा रद्द करना और JPSC पेपर लीक मामले की CBI जांच शामिल है।
CID की टीम के आयोग कार्यालय पहुंचने से पूरे मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। फिलहाल जांच एजेंसी की कार्रवाई का फोकस परीक्षा प्रक्रिया, उससे जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड पर बताया जा रहा है।
JSSC कार्यालय में CID ने खंगाले दस्तावेज
सोमवार को CID की टीम नामकुम स्थित JSSC कार्यालय पहुंची और परीक्षा से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक, टीम ने JSSC सचिव सुधीर गुप्ता से भी पूछताछ की।
हालांकि, जांच के इस चरण में CID ने किन दस्तावेजों की जांच की, क्या-क्या रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए गए और पूछताछ में क्या जानकारी सामने आई, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
परीक्षा को लेकर छात्रों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में जांच एजेंसी की आयोग कार्यालय में मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें – JSSC-CGL आंदोलन : बाबूलाल का हेमंत सोरेन पर हमला, पूछा- नीरज सिन्हा और प्रशांत कुमार को क्यों बचा रही सरकार
सचिव सुधीर गुप्ता के आवास पर भी हुई थी कार्रवाई
JSSC कार्यालय में CID की मौजूदा कार्रवाई से पहले सचिव सुधीर गुप्ता के आवास पर भी छापेमारी की जानकारी सामने आई थी। अब आयोग के कार्यालय पहुंचकर परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड की जांच किए जाने से मामले की जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है।
छात्र लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब उनकी नजर इस बात पर है कि CID की जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है और इससे JSSC-CGL की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या असर पड़ता है।
चयनित अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड की भी हो सकती है जांच
मिली जानकारी के अनुसार, CID की जांच JSSC-CGL में सफल अभ्यर्थियों से जुड़े दस्तावेजों तक भी पहुंच सकती है। जांच के दौरान चयनित अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल किए जाने की बात सामने आ रही है।
यदि किसी अभ्यर्थी के खिलाफ गड़बड़ी या अनियमितता से जुड़ा ठोस साक्ष्य मिलता है, तो उसके आधार पर आगे कार्रवाई हो सकती है।
हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी भी अभ्यर्थी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। फिलहाल जांच का उद्देश्य रिकॉर्ड के आधार पर परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ना और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना है।
CID जांच के बीच आज सरकार-छात्रों की अहम वार्ता
CID की कार्रवाई के बीच आज दोपहर सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। स्टेट गेस्ट हाउस में प्रस्तावित इस वार्ता में सरकार की ओर से चार मंत्री शामिल होंगे।
वहीं, छात्रों की ओर से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बातचीत में शामिल होगा। प्रतिनिधिमंडल में कानूनी जानकार भी मौजूद रहेंगे।
छात्रों की दो प्रमुख मांगों पर इस बैठक में खास नजर रहेगी—
- JPSC पेपर लीक मामले की CBI जांच
- JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना
सरकार की ओर से अब तक JPSC मामले में CID जांच का हवाला दिया जाता रहा है। वहीं JSSC-CGL को रद्द करने को लेकर कानूनी अड़चन की बात कही जाती रही है।
ऐसे में आज की बैठक में सबसे अहम सवाल यही होगा कि सरकार इन दोनों मांगों पर छात्रों को क्या ठोस आश्वासन देती है।
24वें दिन भी जारी है छात्रों का आंदोलन
JPSC-JSSC विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी है। आंदोलन में कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी हैं।
पिछली बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद आज की वार्ता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि छात्रों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी प्रमुख मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। साथ ही उनका कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने का रास्ता खुला है।
यदि आज की बैठक में सरकार और छात्रों के बीच किसी ठोस बिंदु पर सहमति बनती है, तो आंदोलन को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है। लेकिन बातचीत बेनतीजा रहने की स्थिति में 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव आंदोलन का अगला बड़ा चरण होगा।
एक तरफ CID जांच, दूसरी तरफ वार्ता
सोमवार का दिन JSSC-CGL विवाद के लिहाज से इसलिए अहम है क्योंकि एक ही दिन मामले से जुड़े दो महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं।
एक तरफ CID की टीम JSSC कार्यालय पहुंचकर परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है, तो दूसरी तरफ सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच समाधान के लिए बातचीत होने जा रही है।
अब देखना होगा कि CID की जांच और सरकार-छात्र वार्ता—इन दोनों में से कौन-सा रास्ता JPSC-JSSC विवाद को समाधान की ओर ले जाता है।
और सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या आज की वार्ता से छात्रों की मांगों पर कोई ठोस रास्ता निकलेगा, या फिर 20 अगस्त का मुख्यमंत्री आवास घेराव तय रहेगा?
यह भी पढ़ें – राहुल गांधी के संदेश के बाद सरकार ने फिर बुलाया छात्रों को, वार्ता में होंगे लीगल एक्सपर्ट; JSSC-CGL पर निकल सकता है रास्ता?