झारखंड छात्र आंदोलन का 21वां दिन : छात्रों ने मंत्रियों का पुतला फूंका, 15 अगस्त को तिरंगा यात्रा; अनशन पर बैठे छात्रों से मिलने पहुंचा प्रशासन

Anand Kumar
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आंदेनलकारी छात्रों से मिले Physics Wallah के संस्थापक अलख पांडेय

रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा सुधार की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन शुक्रवार को 21वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अल्बर्ट एक्का चौक पर छात्रों ने मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, डॉ. इरफान अंसारी, शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह और JSSC सचिव सुधीर गुप्ता का पुतला फूंका।

छात्रों ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत के बावजूद अभी तक समाधान नहीं हुआ है। आंदोलनकारी JPSC और JSSC CGL परीक्षाओं को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की CBI जांच और परीक्षा व्यवस्था में कड़े सुधार की मांग पर कायम हैं।

अस्पताल से देवेंद्र नाथ महतो ने जारी किया वीडियो

भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने अस्पताल से वीडियो जारी कर आंदोलनकारियों से एकजुट रहने की अपील की।

देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि आंदोलन की दिशा को भटकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के कारण जांच समिति का गठन हुआ है और सरकार भी छात्रों की बात सकारात्मक तरीके से सुन रही है, लेकिन अभी पूरा न्याय नहीं मिला है।

उन्होंने आंदोलनकारियों से अपील की कि परिस्थितियां कैसी भी हों, आंदोलन को कमजोर न होने दें और एकजुट रहें।

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छात्रों से बातचीत करने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

शुक्रवार शाम रांची सदर एसडीएम कुमार रजत और एडीएम धनंजय कुमार जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनरत छात्रों से बातचीत की और धरना एवं अनशन समाप्त करने की अपील की।

एडीएम धनंजय कुमार ने कहा कि प्रशासन समय-समय पर छात्रों का हालचाल लेने के लिए यहां आता है। उन्होंने छात्रों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

10 दिन से अनशन कर रहे छात्र ने तोड़ा अनशन

आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे महेंद्र प्रसाद मंडल ने विधायक जयराम महतो के समझाने के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि, अन्य पांच छात्रों की भूख हड़ताल जारी रही।

इधर, AISA की ओर से लगाया गया पंडाल भी स्टेडियम के बाहर से हटा लिया गया। AISA सदस्य विजय कुमार के मुताबिक, 10 अगस्त के विधानसभा घेराव के दौरान बाहर से आने वाले लोगों के ठहरने की व्यवस्था के लिए पंडाल लगाया गया था।

10 अगस्त विधानसभा घेराव के बाद 500 प्रदर्शनकारियों पर FIR

JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के दौरान 10 अगस्त को विधानसभा घेराव किया गया था। इस मामले में करीब 500 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।

विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई और छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर भी आंदोलनकारियों और सरकार के बीच विवाद जारी है।

15 अगस्त को निकलेगी तिरंगा यात्रा

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकालने का ऐलान किया है।

आंदोलनकारियों के मुताबिक, तिरंगा यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर कचहरी, लालपुर और अल्बर्ट एक्का चौक होते हुए वापस स्टेडियम पहुंचेगी।

आंदोलनकारी इसे देश के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना से जोड़ रहे हैं। मंच ने सरकार से छात्रों के साथ संवाद बढ़ाने, FIR में निर्दोष छात्रों को आरोपी नहीं बनाने और सभी 81 विधायकों से नैतिक समर्थन देने की अपील की है।

छात्र प्रतिनिधिमंडल को लेकर मंत्री और आंदोलनकारियों में विवाद

छात्र नेता रवींद्र कुमार पासवान ने मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के एक बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर मंत्री के बयान को देखकर ऐसा लगा कि सरकार से बातचीत के लिए गए प्रतिनिधिमंडल में छात्र शामिल नहीं थे।

पासवान ने इसका खंडन करते हुए कहा कि प्रतिनिधिमंडल में शामिल सभी लोग छात्र थे।

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने दी सफाई

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका कहना यह था कि सरकार के प्रतिनिधिमंडल से मिलने गए छात्र-छात्राओं के दल में भूख हड़ताल करने वाला कोई छात्र शामिल नहीं था।

मंत्री के अनुसार, 12 अगस्त को सदर अस्पताल में भूख हड़ताल कर रहे बीमार छात्रों से मुलाकात के दौरान हुई बातचीत को उन्होंने मीडिया के सामने रखा था। उनका कहना है कि यदि भूख हड़ताल पर बैठे छात्र भी सरकार से बातचीत करने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल होते, तो सरकार को उनसे सीधे बातचीत कर उनका अनशन समाप्त कराने का अवसर मिलता।

छात्रों और सरकार के बीच बातचीत की कोशिश

प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम नायक ने शुक्रवार को बताया कि आंदोलन का 21वां दिन है और उनकी भूख हड़ताल का 12वां दिन। उन्होंने अपनी तबीयत खराब होने की बात भी कही और बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पताल जाने की सलाह दी थी।

प्रेम नायक के मुताबिक, सरकार से बातचीत के लिए छात्र प्रतिनिधिमंडल भेजे जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि विधायक जयराम कुमार महतो बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं और दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की कोशिश जारी है।

छात्रों का कहना है कि वे अपनी तीन प्रमुख मांगों पर कायम हैं—

  • JPSC और JSSC CGL परीक्षा को रद्द करना
  • पूरे मामले की CBI जांच कराना
  • परीक्षा में अनियमितताओं को रोकने के लिए कड़े कानून और व्यवस्था लागू करना

छात्रों से मिले Physics Wallah के संस्थापक अलख पांडेय

गुरुवार रात Physics Wallah के संस्थापक अलख पांडेय भी JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मिलने पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों का हालचाल जाना और उनकी मांगों को सुना।

अलख पांडेय ने छात्रों को नैतिक समर्थन देते हुए परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि JPSC मामले में सरकार की ओर से की गई कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन JSSC मामले में भी ठोस कार्रवाई की जरूरत है।

उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की मांग CBI जांच की है, ताकि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके।

JPSC-JSSC आंदोलन अब किस मोड़ पर?

JPSC-JSSC परीक्षा सुधार को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है। एक तरफ सरकार और प्रशासन छात्रों से बातचीत की कोशिश कर रहे हैं, वहीं आंदोलनकारी अपनी प्रमुख मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

10 अगस्त के विधानसभा घेराव, पुलिस कार्रवाई, FIR, भूख हड़ताल और अब 15 अगस्त की तिरंगा यात्रा के ऐलान के बाद आंदोलन का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकल पाएगा या आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज होगा?

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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