JPSC-JSSC आंदोलन पर बढ़ा तनाव, CM हेमंत सोरेन ने छात्रों से किया संवाद का आह्वान

Jan Man Ki Baat
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झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं एवं पेपर लीक के आरोपों को लेकर चल रही छात्र आंदोलन सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान और उग्र हो चुकी थी। बड़ी संख्या में यहां छात्र विधानसभा की ओर मार्च करते पहुंचे, जिस दौरान पुलिस एवं प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार तनाव की स्थिति भी बनी. इसी के बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस एवं वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया था।

इस घटना के बाद, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों से संवाद का आह्वान किया। उन्होंने यह कहा है कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से समझती है और बातचीत के जरिए उनका समाधान निकालने के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि छात्रों से शांति बनाए और किसी के बहकावे में न आएं। उन्होंने बोला, दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। छात्र अपनी मांगों को लेकर विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे, जिससे प्रशासन की ओर से पहले ही विधानसभा परिसर और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था करी कर दी गई थी, जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी, जिस बीच प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने और बैरिकेडिंग पार करने के बाद पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसमें रांची सिटी एसपी की ओर से पुलिस कार्रवाई को लेकर यह कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों को निर्धारित सुरक्षा घेरे में रोकने एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की है। उनके मुताबिक जब प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने लगे एवं स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी, तब उन्हें पीछे हटाने के लिए बल प्रयोग किया गया था। वहीं प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उनके आंदोलन को दबाने के लिए जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया है।

लाठीचार्ज एवं पुलिस कार्रवाई के बावजूद छात्रों ने अपनी मांगों से पीछे हटने से इनकार कर दिया है। प्रदर्शनकारी जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की जांच एवं परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शी चयन प्रक्रिया की मांग में जुटे हुए हैं। विधानसभा के आसपास दिन-रात तक छात्रों की भीड़ और पुलिस बल की तैनाती बनी रही।

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