रांची। JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार, 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने सोमवार देर शाम पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता कर बंद की घोषणा की। भाजपा ने कहा है कि बंद सुबह 8 बजे से शाम तक रहेगा, हालांकि स्वास्थ्य सेवाओं और सावन में देवघर जाने वाले कांवरियों को इससे बाहर रखने की अपील की गई है।
प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर सरकार पर भाजपा का हमला
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 17 दिनों से छात्र बारिश में आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय सरकार ने दमनात्मक कार्रवाई का रास्ता अपनाया।
आदित्य साहू ने दावा किया कि आंदोलन स्थल पर कंटीले तार लगाए गए, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर कई बार लाठीचार्ज किया गया और रात के अंधेरे में भी पुलिस कार्रवाई हुई।
भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए हैं और कुछ छात्रों के लापता होने की भी सूचना है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
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कांग्रेस पर भी साधा निशाना
आदित्य साहू ने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध करती है, जबकि झारखंड में कांग्रेस सत्ता की साझेदार है।
उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि अगर छात्रों पर बल प्रयोग गलत है तो कांग्रेस को झारखंड सरकार से भी जवाब मांगना चाहिए। भाजपा ने कांग्रेस से छात्रों की मांगें पूरी कराने या फिर सरकार से समर्थन वापस लेने की मांग की।
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता में बने रहने के कारण हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ खुलकर नहीं बोल रही है।
11 अगस्त को झारखंड बंद का ऐलान
भाजपा ने 11 अगस्त को सुबह 8 बजे से शाम तक राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बंद को सफल बनाने की अपील की है।
हालांकि भाजपा ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बंद से प्रभावित नहीं किया जाएगा। इसके अलावा सावन के दौरान देवघर जाने वाले कांवरियों को भी नहीं रोकने की अपील कार्यकर्ताओं से की गई है।
भाजपा का कहना है कि बंद का उद्देश्य छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध करना और JPSC-JSSC परीक्षा विवाद में छात्रों की मांगों के समर्थन में सरकार पर दबाव बनाना है।
बाबूलाल मरांडी ने भी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए सरकार पर बर्बर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्र वर्ष 2024 से ही अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और इस बार पिछले 17 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे।
मरांडी ने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों को जयपाल सिंह स्टेडियम में टेंट लगाने से भी रोका गया। उनके मुताबिक सरकार की कोशिश आंदोलन को किसी भी तरह रोकने की रही है।
उन्होंने JPSC और JSSC की पिछले वर्षों में आयोजित परीक्षाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं।
JPSC-JSSC आंदोलन के बीच बढ़ा राजनीतिक दबाव
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर झारखंड में छात्रों का आंदोलन लगातार राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की जांच, जिम्मेदारी तय करने, सीबीआई जांच और विवादित परीक्षाओं को रद्द करने जैसी मांगें उठा रहे हैं।
वहीं, सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकलने से राजनीतिक दलों को सरकार को घेरने का मौका मिल रहा है।
भाजपा के झारखंड बंद के ऐलान के बाद अब निगाहें मंगलवार को होने वाली राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों पर रहेंगी। यह भी महत्वपूर्ण होगा कि बंद के दौरान राज्य में यातायात, बाजार और अन्य सामान्य गतिविधियों पर कितना असर पड़ता है।
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