राहुल गांधी ने झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की, बल प्रयोग को गलत बताया
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ पिछले 17 दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे हजारों छात्रों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और विधानसभा के गेट के पास पहुंच गए। छात्रों को हटाने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई छात्रों के घायल होने की सूचना है।
- राहुल गांधी ने झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की, बल प्रयोग को गलत बताया
- बैरिकेडिंग तोड़ विधानसभा गेट तक पहुंचे छात्र
- दो-तीन बार हुआ लाठीचार्ज
- छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की तबीयत बिगड़ी
- राहुल गांधी ने बल प्रयोग पर उठाए सवाल
- इसी बीच JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते गिरफ्तार
- 17 दिन से जारी है छात्रों का आंदोलन
आंदोलनकारी छात्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और JPSC-JSSC की कथित अनियमितताओं वाली परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे थे।
रांची में JPSC-JSSC परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन पुलिस कार्रवाई के बाद भी थमा नहीं है। विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद छात्रों को विधानसभा परिसर से तो हटा दिया गया, लेकिन वे आसपास के अलग-अलग इलाकों में डटे हुए हैं। छात्रों ने साफ कर दिया है कि विधानसभा से उन्हें हटाया जा सकता है, लेकिन उनकी आवाज को नहीं दबाया जा सकता।
यह भी पढ़ें – JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा, सरकार-छात्र वार्ता बेनतीजा; 10 अगस्त को विधानसभा मार्च
छात्र पुलिस पर बेवजह बल प्रयोग करने का आरोप लगा रहे हैं और पूछ रहे हैं—जब हम अपने भविष्य और हक के लिए शांतिपूर्ण तरीके से बैठे थे, तो हम पर लाठियां क्यों बरसाई गईं? क्या पुलिसवालों के बच्चे नहीं हैं? वहीं, आंदोलनकारी छात्रों ने ऐलान किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
बैरिकेडिंग तोड़ विधानसभा गेट तक पहुंचे छात्र
आंदोलनकारी छात्र सुबह करीब 10 बजे ओल्ड विधानसभा के पास जुटे। इसके बाद वे विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़े। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए कंटीले तारों समेत कई स्तर की बैरिकेडिंग की थी।
जैसे ही पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, कई छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। इस दौरान कुछ छात्रों को डांस करते हुए भी देखा गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रगान भी गाया।
इसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र बैरिकेडिंग पार कर विधानसभा गेट के नजदीक पहुंच गए।
दो-तीन बार हुआ लाठीचार्ज
विधानसभा गेट के पास छात्रों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति बनी। बताया जा रहा है कि पुलिस को दो से तीन बार लाठीचार्ज करना पड़ा।
लाठीचार्ज में कुछ छात्रों के सिर पर चोटें आई हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से भी पुलिस पर पानी की बोतलें और चप्पलें फेंके जाने की बात सामने आई है।
विधानसभा परिसर की सुरक्षा के लिए छह लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पूरे इलाके में CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही थी।
छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की तबीयत बिगड़ी
आंदोलन के दौरान छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की भी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें पुलिस प्रशासन की मदद से सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बताया गया है कि देवेंद्रनाथ महतो समेत छह छात्र पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। इसके बावजूद वे एंबुलेंस से विधानसभा घेराव में शामिल होने पहुंचे।
राहुल गांधी ने बल प्रयोग पर उठाए सवाल
छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया X पर उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग गलत है।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए। उन्होंने झारखंड सरकार से छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की अपील की।
इसी बीच JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते गिरफ्तार
छात्र आंदोलन के बीच सोमवार को ही JPSC मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया।
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान CID ने 21 जुलाई को JPSC कार्यालय में छापेमारी की थी। इसके बाद खियांग्ते ने आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। CID उनसे लगातार पूछताछ कर रही थी।
खियांग्ते की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब छात्र JPSC-JSSC की कथित गड़बड़ियों की व्यापक जांच और विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
17 दिन से जारी है छात्रों का आंदोलन
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब 17वें दिन पहुंच गया है। प्रदर्शनकारी परीक्षाओं को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विधानसभा घेराव के दौरान जिस तरह पुलिस और छात्रों के बीच टकराव हुआ, उससे आंदोलन के और लंबा खिंचने के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, पूर्व JPSC अध्यक्ष की गिरफ्तारी ने पूरे विवाद को एक नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ दे दिया है।
यह भी पढ़ें – JPSC परीक्षा घोटाले में ‘2 करोड़ की डील’ का खुलासा! CID के सामने अभय तिवारी ने बताए कमीशन के खेल के राज