रांची। झारखंड सरकार ने राज्य की बिजली व्यवस्था को आधुनिक, मजबूत और उपभोक्ता केंद्रित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक नागरिक तक 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण प्रणाली को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने पर जोर दिया।
- रांची में बनेंगे तीन नए स्मार्ट ग्रिड
- 24 घंटे में बदले जाएं जले ट्रांसफार्मर
- ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर
- फ्लोटिंग और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
- 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे
- ऊर्जा विभाग में होगी भर्ती
- अस्पतालों में ड्यूल लाइन और निर्बाध बिजली
- एआई आधारित मॉनिटरिंग और स्मार्ट मीटरिंग पर जोर
रांची में बनेंगे तीन नए स्मार्ट ग्रिड
बैठक में जानकारी दी गई कि बिजली वितरण प्रणाली को अत्याधुनिक बनाने के लिए रांची के कुसई कॉलोनी, बरियातू और इटकी में तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा नए विद्युत उपकेंद्रों का भी निर्माण होगा। सरकार का मानना है कि इससे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता बेहतर होगी, ऊर्जा हानि कम होगी और उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय सेवा मिलेगी।
24 घंटे में बदले जाएं जले ट्रांसफार्मर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि किसी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर जल जाता है तो उसे 24 घंटे के भीतर बदलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बिजली कटौती से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने पर भी बल दिया।
ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने झारखंड के जलाशयों और जलप्रपातों की क्षमता का वैज्ञानिक अध्ययन कर जलविद्युत उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए। विशेष रूप से हुंडरू और जोन्हा जलप्रपात सहित अन्य स्थानों पर संभावनाएं तलाशने और आधुनिक तकनीकों के जरिए कम जल में अधिक बिजली उत्पादन की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
फ्लोटिंग और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
समीक्षा बैठक में फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं और सरकारी व निजी भवनों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बंजर भूमि पर सोलर फार्मिंग को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने की योजना तैयार करने को भी कहा गया। सरकार किसानों को तकनीकी सहायता और आवश्यक सब्सिडी उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम करेगी।
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200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 200 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना का लाभ सभी पात्र उपभोक्ताओं तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। लाभुकों की पहचान, शिकायतों के समाधान और जागरूकता अभियान को भी प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
ऊर्जा विभाग में होगी भर्ती
बैठक में ऊर्जा विभाग और उससे जुड़े संस्थानों में रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रथम चरण में 35 प्रतिशत रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण और पंचायत स्तर तक पर्याप्त तकनीकी कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
अस्पतालों में ड्यूल लाइन और निर्बाध बिजली
मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी और प्रमुख अस्पतालों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए प्रत्येक अस्पताल में ड्यूल (दोहरी) विद्युत लाइन की व्यवस्था विकसित करने को कहा गया, ताकि किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में भी बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
एआई आधारित मॉनिटरिंग और स्मार्ट मीटरिंग पर जोर
ऊर्जा क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री ने एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने और राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने के अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे शिकायतों के समाधान, बिजली प्रबंधन और सेवा वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी।
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