झारखंड में माओवाद को सबसे बड़ा झटका, 1 करोड़ का इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा गिरफ्तार

Anand Kumar
5 Min Read

रांची/चाईबासा। झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल और एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा को गिरिडीह जिले से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ माओवादी संगठन के रीजनल कमेटी सदस्य मोछू उर्फ मेहनत तथा सक्रिय सदस्य गौरव उर्फ सौरभ को भी दबोचा गया है।

यह कार्रवाई मंगलवार देर शाम कोबरा, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर धनबाद-गिरिडीह सीमा क्षेत्र में की। अभियान के दौरान दो ग्रामीणों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

प्रमुख तथ्य

  • पूछताछ से संगठन के नेटवर्क से जुड़े कई खुलासे होने की उम्मीद
  • 1 करोड़ का इनामी माओवादी मिसिर बेसरा गिरफ्तार
  • गिरिडीह में संयुक्त अभियान के दौरान कार्रवाई
  • कोबरा, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने की गिरफ्तारी
  • 15 लाख का इनामी मोछू उर्फ मेहनत भी गिरफ्तार
  • सक्रिय सदस्य गौरव उर्फ सौरभ भी पकड़ा गया

यह भी पढ़ें – धनबाद में ED का बड़ा एक्शन, कोयला कारोबारियों के ठिकानों से करीब ₹100 करोड़ नकद बरामद होने की खबर

कौन है मिसिर बेसरा?

गिरफ्तार मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर, सुनिर्मल और सागर के नाम से भी जाना जाता है। वह गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के मदनडीह गांव का रहने वाला है और माओवादी संगठन की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली इकाई पोलित ब्यूरो का सदस्य बताया जाता है।

उस पर झारखंड समेत विभिन्न राज्यों में कुल एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। पिछले डेढ़ दशक से वह झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के जंगलों में सक्रिय रहकर माओवादी गतिविधियों का संचालन करता रहा।

संगठन का प्रमुख रणनीतिकार

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार मिसिर बेसरा संगठन की सैन्य रणनीति तैयार करने, हथियारबंद दस्तों के संचालन, नए कैडरों की भर्ती, लेवी वसूली और विभिन्न जोनों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालता था।

सारंडा, पोड़ाहाट और कोल्हान के जंगलों में माओवादी नेटवर्क को मजबूत करने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती रही है। कई बड़े नक्सली हमलों और सुरक्षा बलों के खिलाफ अभियानों की योजना बनाने में भी उसका नाम सामने आता रहा है।

मिसिर बेसरा
मोछू

15 लाख का इनामी मोछू भी गिरफ्तार

सुरक्षा बलों ने मिसिर बेसरा के साथ मोछू उर्फ मेहनत उर्फ विभीषण उर्फ कुंबा मुर्मू को भी गिरफ्तार किया है। वह धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के घोड़ाबांधा गांव का निवासी है और माओवादी संगठन की रीजनल कमेटी का सदस्य बताया जाता है।

झारखंड सरकार ने उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। एजेंसियों के अनुसार वह लंबे समय से मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी था और संगठन के संचालन, लेवी वसूली तथा कैडर प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।

मिसिर बेसरा
गौरव

गौरव उर्फ सौरभ से भी पूछताछ

गिरफ्तार तीसरा माओवादी गौरव उर्फ सौरभ संगठन का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां उससे संगठन के नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों, फरार नक्सलियों और वित्तीय तंत्र के बारे में पूछताछ कर रही हैं।

क्यों मानी जा रही है सबसे बड़ी कार्रवाई?

मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ था। उसके खिलाफ हत्या, आईईडी विस्फोट, पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमले, हथियार लूट, लेवी वसूली और आपराधिक साजिश के कई मामले दर्ज हैं।

लगातार ठिकाने बदलने और सीमावर्ती जंगलों में सक्रिय रहने के कारण वह वर्षों तक गिरफ्तारी से बचता रहा। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी को झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।

पूछताछ से खुल सकते हैं बड़े राज

सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि तीनों गिरफ्तार माओवादियों से पूछताछ में हथियारों के नेटवर्क, आईईडी सप्लाई, लेवी तंत्र, शहरी संपर्क और अन्य फरार माओवादी नेताओं के बारे में अहम जानकारियां मिल सकती हैं।

इन सूचनाओं के आधार पर सारंडा, कोल्हान, गिरिडीह और आसपास के इलाकों में नक्सल विरोधी अभियान और तेज किए जाने की संभावना है।

यह भी पढ़ें – खूंटी में मॉब लिंचिंग: बकरी चोरी के शक में तीन युवकों को पेड़ से बांधकर पीटा, एक की मौत; DSP ने कही बड़ी बात

Share This Article
Follow:
वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *