रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि झारखंड अब निर्भरता की मानसिकता से निकलकर आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। सरकार राज्य में तेज, समावेशी और दीर्घकालिक विकास की मजबूत नींव रख चुकी है, जिसका सकारात्मक प्रभाव आने वाले वर्षों में हर क्षेत्र में दिखाई देगा।
नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिवसीय विचार-मंथन से प्राप्त सुझाव केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें योजनाबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा। इससे राज्य के विकास को नई गति मिलेगी और झारखंड प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
यह भी पढ़ें – राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 : पर्यटन निवेश से झारखंड बनेगा पूर्वी भारत का टूरिज्म हब
छोटे प्रयासों से होगा बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवर्तन कभी एक दिन में नहीं आता। इसके लिए लगातार छोटे-छोटे और सार्थक प्रयास करने पड़ते हैं। यही प्रयास भविष्य में बड़े बदलाव की मजबूत नींव बनते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार द्वारा शुरू की गई नई पहल का प्रभाव धीरे-धीरे पूरे राज्य में दिखाई देगा और विकास का दायरा लगातार विस्तृत होगा।
युवाओं, किसानों और उद्यमियों पर रहेगा फोकस
हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ऐसी नीतियां लागू करना है, जिनका सीधा लाभ युवाओं, किसानों, लघु उद्यमियों और आम नागरिकों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक क्षमता को मजबूत करते हुए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे, ताकि झारखंड आत्मनिर्भर, समृद्ध और समावेशी विकास का मॉडल बन सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।