महिलाओं ने लगाया पीछा कर हमला और शीशा तोड़ने का आरोप, पुलिस जांच में सामने आया दोनों वाहनों की टक्कर के बाद हुआ विवाद; 30 हजार रुपये मुआवजे के साथ समझौता
रांची। रांची-टाटा हाईवे स्थित दशम फॉल थाना क्षेत्र में मंगलवार को महिलाओं के साथ कथित गुंडागर्दी और रोड रेज की घटना ने पूरे राज्य का ध्यान खींचा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्कॉर्पियो सवार युवकों द्वारा कार का शीशा तोड़ते और कार के पास हंगामा करते हुए देखा गया। शुरुआती शिकायत में महिलाओं ने पीछा करने, जान से मारने की धमकी देने और पुलिस के समय पर नहीं पहुंचने का आरोप लगाया। हालांकि, बाद में पुलिस जांच और दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के बाद मामले की दूसरी तस्वीर भी सामने आई।
महिलाओं का आरोप: पीछा कर रोकी कार, पत्थर मारकर तोड़ा शीशा
पीड़ित महिलाओं के अनुसार वे मंगलवार सुबह जमशेदपुर से हजारीबाग जा रही थीं। बुंडू में नाश्ता करने और सूर्य मंदिर घूमने के बाद दोपहर करीब 12:27 बजे रांची-टाटा हाईवे पर उनकी कार को स्कॉर्पियो (JH-01 GH-4141) ने टक्कर मार दी। उनका आरोप था कि गलती स्कॉर्पियो चालक की थी, लेकिन विरोध करने पर दोनों युवक अभद्रता करने लगे।
महिलाओं का कहना था कि वे वहां से निकल गईं, लेकिन स्कॉर्पियो सवार उनका पीछा करते रहे। कई बार ओवरटेक कर रास्ता रोकने की कोशिश की गई और अंततः कार रोककर चालक का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया गया। दरवाजा नहीं खुलने पर पत्थर मारकर ड्राइवर साइड का शीशा तोड़ दिया गया। घटना में चालक रणवीर सिंह के घायल होने का भी दावा किया गया।
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डायल-112 पर कॉल और पुलिस पहुंचने को लेकर विवाद
महिलाओं ने बताया कि उन्होंने दोपहर 12:33 बजे डायल-100/112 पर कॉल कर मदद मांगी, लेकिन पुलिस देर से पहुंची। वहीं पुलिस का कहना है कि राज्य कंट्रोल रूम से 12:38 बजे सूचना जिला कंट्रोल रूम को मिली और 12:39 बजे दशम फॉल थाना को अलर्ट किया गया। इसके बाद पहले बाइक से पुलिसकर्मी और फिर पुलिस वाहन 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गया।
पुलिस ने यह भी कहा कि जिस समय घटना हुई, उस दौरान हाईवे पेट्रोलिंग वाहन दशम फॉल से बुंडू मार्ग पर नियमित गश्त कर रहा था और इसका रिकॉर्ड भी उपलब्ध है।
जांच में सामने आया दूसरा पक्ष
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि कार और स्कॉर्पियो के बीच पहले सड़क दुर्घटना हुई थी। जांच के अनुसार, कार ने स्कॉर्पियो को टक्कर मारी थी। इसके बाद स्कॉर्पियो सवार युवक वाहन रोककर बात करना चाहते थे, लेकिन कार चालक वाहन लेकर आगे बढ़ गया। इसी के बाद स्कॉर्पियो सवारों ने कार का पीछा किया।
पुलिस के मुताबिक, पीछा करने के दौरान दोनों वाहनों के बीच विवाद बढ़ा और गुस्से में स्कॉर्पियो सवार युवकों ने कार का शीशा तोड़ दिया। वायरल वीडियो इसी घटनाक्रम का हिस्सा है।
सोशल मीडिया पर झामुमो नेता का नाम, पुलिस ने किया स्पष्ट
घटना के बाद सोशल मीडिया पर स्कॉर्पियो को झामुमो नेता गुणानंद महतो की गाड़ी बताया जाने लगा। हालांकि पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि वाहन गुणानंद महतो के नाम पर नहीं, बल्कि गुणोधर महतो के नाम से पंजीकृत है।
30 हजार रुपये मुआवजा देकर हुआ समझौता
घटना के बाद स्थानीय लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद लिखित समझौता किया गया।
समझौते के तहत:
- स्कॉर्पियो सवार पक्ष ने कार के नुकसान की भरपाई के लिए 30 हजार रुपये नकद दिए।
- प्रथम पक्ष ने इस घटना को लेकर पुलिस में शिकायत नहीं करने पर सहमति दी।
- दोनों पक्षों ने विवाद समाप्त करने पर सहमति जताई।
मंत्री ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद राज्य के भू-राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि महिलाओं या किसी भी व्यक्ति के साथ इस तरह की अभद्रता स्वीकार्य नहीं है और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस जांच के बाद बदली तस्वीर
इस पूरे मामले में शुरुआती वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर इसे महिलाओं के साथ सड़क पर गुंडागर्दी का मामला माना जा रहा था और जमशेदपुर पूर्वी की भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू समेत सौकड़ों लोगों ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया पर लगाते हुए इसपर कड़ी टिप्पणियां कीं, लेकिन पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि विवाद की शुरुआत सड़क दुर्घटना के बाद हुई थी। हालांकि, कार का पीछा करना और शीशा तोड़ना कानूनन गंभीर कृत्य है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है और दोनों पक्ष आगे किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करने पर सहमत हैं।
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