Ranchi/Dhanbad : झारखंड में संगठित अपराध का दायरा अब सिर्फ हथियारबंद गैंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका नेटवर्क ‘व्हाइट कॉलर’ तबके तक फैलता नजर आ रहा है। राजधानी रांची में एक बिल्डर से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है, वहीं धनबाद में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क को लेकर पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिनमें कथित तौर पर कुछ पत्रकारों समेत कई प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं।
इन दोनों घटनाओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध की बदलती प्रकृति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रांची में बिल्डर से 5 करोड़ की रंगदारी
राजधानी रांची के कडरू इलाके स्थित ओल्ड एजी कॉलोनी निवासी बिल्डर अजीत चौधरी से फोन पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। अजीत चौधरी कशिश डेवलपर्स लिमिटेड से जुड़े बताए जा रहे हैं।
शिकायत के अनुसार, 14 मार्च को दोपहर करीब एक बजे एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार संपर्क कर पैसे की मांग की जाने लगी। कॉल करने वालों ने सात दिनों के भीतर रकम देने की चेतावनी दी और पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
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घटना के बाद से बिल्डर और उनके परिवार में भय का माहौल है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पुलिस ने तकनीकी जांच तेज कर दी है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे हैं और साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा।
प्रिंस खान गैंग का नेटवर्क: ‘व्हाइट कॉलर’ कनेक्शन सामने
इसी बीच धनबाद में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क को लेकर पुलिस की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि जांच के दौरान कई ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं, जो दिखने में ‘व्हाइट कॉलर’ हैं लेकिन गैंग के संपर्क में थे।
पुलिस के अनुसार, इन लोगों में कुछ पत्रकार भी शामिल हैं। जांच के दौरान पुलिस को चैटिंग रिकॉर्ड, बैंक खातों की जानकारी और लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।
प्रारंभिक जांच में करीब 60 बैंक खातों की पहचान की गई है, जिनके माध्यम से पैसे के लेन-देन का नेटवर्क संचालित हो रहा था। अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और व्यवस्थित तरीके से काम कर रहा था।
ऑपरेशन के बाद खुल रहे हैं राज
गौरतलब है कि हाल ही में धनबाद और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने प्रिंस खान गैंग के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान हुई मुठभेड़ में तीन अपराधी घायल हुए थे और तीन अन्य को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर अब पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं। पुलिस को कुछ संदिग्ध लोगों की तस्वीरें भी मिली हैं, जो लगातार गैंग के संपर्क में थे।
संगठित अपराध का बदलता स्वरूप
विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड में संगठित अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पहले जहां अपराधी केवल स्थानीय स्तर पर सक्रिय होते थे, वहीं अब उनका नेटवर्क आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक स्तर पर व्यापक होता जा रहा है।
रंगदारी जैसे मामलों में डिजिटल माध्यमों का उपयोग और बैंकिंग नेटवर्क के जरिए लेन-देन इस बदलाव की ओर इशारा करते हैं।
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पुलिस का दावा—जल्द होगी बड़ी कार्रवाई
धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि चाहे आरोपी कोई भी हो—अपराध में संलिप्त पाए जाने पर उसे बख्शा नहीं जाएगा और सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
कानून-व्यवस्था पर सवाल
रांची में रंगदारी की घटना और धनबाद में गैंगस्टर नेटवर्क के खुलासे ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर यह तथ्य कि अपराधियों का नेटवर्क अब तथाकथित ‘व्हाइट कॉलर’ लोगों तक पहुंच चुका है, इसे और गंभीर बना देता है।
पुलिस की कार्रवाई के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि क्या राज्य में संगठित अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगाना संभव हो पाएगा या यह नेटवर्क और भी जटिल रूप लेता जाएगा।