बंगाल चुनाव से पहले EC का बड़ा एक्शन: मुख्य सचिव-DGP समेत 6 अफसर बदले

Anand Kumar
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23 और 29 अप्रैल को वोटिंग; आयोग ने कहा – बदले गए अधिकारी चुनाव से दूर रहेंगे

New Delhi/Kolkata : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद चुनावी प्रशासन में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। चुनाव आयोग ने राज्य के शीर्ष प्रशासनिक ढांचे में हस्तक्षेप करते हुए मुख्य सचिव और डीजीपी समेत छह वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया है। आयोग का कहना है कि यह कदम आगामी चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

चुनाव आयोग के आदेश के अनुसार राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) पीयूष पांडे को पद से हटाकर उनकी जगह सिद्धनाथ गुप्ता को नया डीजीपी नियुक्त किया गया है। इसी तरह राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को भी पद से हटा दिया गया है और उनकी जगह 1993 बैच के आईएएस अधिकारी दुष्यंत नरियाला को मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रशासनिक फेरबदल की इस श्रृंखला में कोलकाता पुलिस कमिश्नर सुप्रतिम सरकार को भी पद से हटाकर अजय कुमार नंद को नया पुलिस आयुक्त बनाया गया है। इसके अलावा गृह विभाग में भी बदलाव किया गया है। गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा की जगह 1997 बैच की आईएएस अधिकारी संघमित्रा घोष को गृह सचिव नियुक्त किया गया है।

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इसी आदेश के तहत नटराजन रमेश बाबू को सुधार सेवा महानिदेशक बनाया गया है, जबकि अजय मुकुंद रानाडे को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और आईजीपी (कानून-व्यवस्था) का दायित्व सौंपा गया है।

चुनाव आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उन्हें विधानसभा चुनाव की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने तक किसी भी चुनाव से जुड़े प्रशासनिक दायित्व में नहीं लगाया जाएगा। आयोग का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखने और चुनावी माहौल को संतुलित रखने के लिए आवश्यक है।

दरअसल, आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों – असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर मतदान दो चरणों में होगा। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को और दूसरे चरण की 29 अप्रैल को होगी, जबकि मतगणना 4 मई को कराई जाएगी।

चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य में चुनाव की घोषणा के बाद प्रशासनिक तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी समीक्षा के दौरान आयोग ने महसूस किया कि कुछ प्रमुख पदों पर बदलाव आवश्यक है, ताकि चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष ढंग से संचालित हो सके।

राज्य की राजनीति में यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब बंगाल पहले से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील माहौल में प्रवेश कर चुका है। पिछले कुछ दिनों में यहां संवैधानिक पदों में भी बदलाव हुए हैं। 5 मार्च को राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया।

आनंद बोस नवंबर 2022 में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बनाए गए थे। उनके कार्यकाल के दौरान राजभवन और ममता बनर्जी सरकार के बीच कई मुद्दों पर मतभेद भी सामने आए थे। उनके इस्तीफे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हैरानी जताते हुए कहा था कि यह केंद्र का एकतरफा फैसला प्रतीत होता है और इस पर उनसे कोई सलाह नहीं ली गई।

राजनीतिक दृष्टि से भी पश्चिम बंगाल का यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य में पिछले तीन कार्यकाल से ममता बनर्जी मुख्यमंत्री हैं। यदि तृणमूल कांग्रेस इस बार भी सत्ता में लौटती है तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने वाली देश की पहली महिला नेता बन जाएंगी।

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हालांकि इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को ममता बनर्जी के सामने सबसे बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य में अपने आधार का उल्लेखनीय विस्तार किया था और इस बार पार्टी सत्ता परिवर्तन का दावा कर रही है।

ऐसे में चुनाव से पहले प्रशासनिक ढांचे में किया गया यह बड़ा फेरबदल संकेत देता है कि आयोग बंगाल के चुनाव को लेकर किसी भी तरह की प्रशासनिक विवाद की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता। आने वाले दिनों में चुनावी सरगर्मी के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि आयोग के इन फैसलों का चुनावी माहौल और राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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