Tehran/Tel Aviv : मिडिल-ईस्ट की जंग अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है जहां ईरान का भविष्य अधर में लटका नज़र आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई कोमा में चले गए हैं। यह खबर ऐसे समय आई है जब मुजतबा ने मात्र 4 दिन पहले ही अपने पिता अली खामेनेई की मौत के बाद पद संभाला था।
हमले में गंभीर रूप से हुए थे घायल
ब्रिटिश मीडिया ‘द सन’ की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका की एयर स्ट्राइक में मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस हमले में उनके शरीर को भारी नुकसान पहुँचा है:
- पैर काटना पड़ा: चोट इतनी गहरी थी कि डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा।
- अंगों को नुकसान: उनके पेट और लिवर को भी गंभीर क्षति पहुँची है, जिसके कारण वह फिलहाल कोमा में हैं।
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पिता की मौत के बाद संभाली थी कमान
मुजतबा खामेनेई ने 9 मार्च को ही ईरान के सर्वोच्च नेता का पदभार ग्रहण किया था। उनके पिता अली खामेनेई भी उसी 28 फरवरी वाले हमले में मारे गए थे, जिसमें मुजतबा घायल हुए। हालांकि, ईरान की सरकार ने अभी तक मुजतबा की सेहत को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पीएम मोदी ने जताई चिंता
मिडिल-ईस्ट के बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पजशकियान से फोन पर बात की। पीएम मोदी ने नागरिकों की मौत और सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को हो रहे नुकसान पर गहरी चिंता जताई और शांति बहाली के लिए संवाद पर जोर दिया।
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ईरान में फंसे 9 हजार भारतीयों का क्या होगा?
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि ईरान में करीब 9,000 भारतीय (छात्र, कारोबारी और नाविक) मौजूद हैं। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सरकार अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्तों का इस्तेमाल कर रही है और वीजा सहायता प्रदान की जा रही है।
नोट – “यह खबर अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। जन-मन की बात स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं करता है।”