झारखंड में मेधा दूध के उत्पाद हुए महंगे: पनीर, घी और गुलाब जामुन की कीमतों में भारी उछाल; मंत्री ने दी ये दलील

Anand Kumar
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Ranchi : झारखंड के अपने दुग्ध ब्रांड ‘मेधा’ (Medha) का स्वाद अब आपकी जेब पर थोड़ा भारी पड़ने वाला है। झारखंड मिल्क फेडरेशन ने राज्य में मेधा ब्रांड के कई प्रमुख उत्पादों की कीमतों में 3 रुपये से लेकर 25 रुपये तक की वृद्धि कर दी है। यह नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।

किन उत्पादों के दाम बढ़े? (नई रेट लिस्ट)

मेधा ने पनीर, घी, दही और मिठाइयों की कीमतों में बदलाव किया है। नीचे दी गई टेबल से आप नई और पुरानी कीमतों के अंतर को समझ सकते हैं:

प्रोडक्टपुरानी कीमतनई कीमतवृद्धि
पनीर (1 Kg)₹380₹400+₹20
घी (500ml जार)₹320₹340+₹20
घी (250ml जार)₹165₹185+₹20
गुलाब जामुन (250g)₹70₹80+₹10
दही (5kg बाल्टी)₹475₹500+₹25
पनीर (200g)₹82₹85+₹03

राहत की बात: मेधा ने फिलहाल अपने सभी प्रकार के लिक्विड दूध (पाउच), पाउच दही और काऊ मिल्क की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।

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विभागीय मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने क्या कहा?

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जब कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे महंगाई से न जोड़ने की अपील की। उन्होंने अपनी दलील में दो मुख्य बातें कहीं:

  1. गुणवत्ता और ब्रांड वैल्यू: मंत्री ने कहा कि मेधा के उत्पादों की गुणवत्ता बड़े-बड़े राष्ट्रीय ब्रांड्स को टक्कर दे रही है। गुणवत्ता को बनाए रखने और प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए यह समायोजन आवश्यक है।
  2. पशुपालकों का हित: उन्होंने बताया कि झारखंड मिल्क फेडरेशन राज्य के 60 हजार से अधिक पशुपालकों से दूध खरीदता है। सरकार पशुपालकों को प्रति लीटर ₹5 का इंसेंटिव (प्रोत्साहन राशि) देती है, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। यह वृद्धि कहीं न कहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने से जुड़ी है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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