Ranchi : झारखंड के 48 शहरी निकायों में मतदान संपन्न होने के साथ ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने अपने-अपने समर्थित प्रत्याशियों की जीत का दावा किया है। जहां जेएमएम ने एक-तिहाई से दो-तिहाई सीटों पर बढ़त का भरोसा जताया, वहीं भाजपा ने मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है।
जेएमएम: “भाजपा का ईवीएम टोटका नहीं चला”
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा, कांग्रेस और राजद पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि मतदान से जो संकेत मिले हैं, उससे स्पष्ट है कि शहरी निकाय चुनाव में झामुमो समर्थित एक-तिहाई से दो-तिहाई प्रत्याशी जीत दर्ज करेंगे।
भाजपा के बैलेट प्रणाली पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका, जापान और यूरोपीय देशों जैसे तकनीकी रूप से उन्नत देशों में भी मतदान बैलेट से होता है। उनके अनुसार भाजपा का “ईवीएम वाला टोटका” नहीं चल सका, इसलिए इस तरह की बयानबाजी की जा रही है।
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कांग्रेस-राजद पर भी तंज
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन का लाभ कांग्रेस और राजद को मिला था। उन्होंने संकेत दिया कि गठबंधन में नेतृत्व की विश्वसनीयता का प्रभाव सहयोगी दलों को भी मिलता है।
उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग, पुलिस और जिला प्रशासन को शांतिपूर्ण मतदान के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही ट्रिपल टेस्ट के बाद ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव संपन्न होने को महत्वपूर्ण बताया। रमजान के महीने में मुस्लिम समुदाय की सक्रिय भागीदारी का भी उन्होंने जिक्र किया।
भाजपा: “मतगणना में गड़बड़ी हुई तो सड़क पर उतरेंगे”
दूसरी ओर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि औसत 50 प्रतिशत मतदान हुआ है और अंतिम आंकड़े बढ़ सकते हैं। भाजपा ने अपने समर्थित प्रत्याशियों की जीत का दावा किया।
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने सत्ता पक्ष के दबाव में चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि 20 हजार से अधिक मतदान कर्मियों को मतदान से वंचित रखा गया और पोस्टल बैलेट की व्यवस्था नहीं की गई।
बोगस वोटिंग और हिंसा के आरोप
भाजपा ने मेदिनीनगर, गढ़वा, गिरिडीह, जुगसलाई, साहिबगंज, जमशेदपुर, चक्रधरपुर और चाकुलिया सहित कई क्षेत्रों में बोगस मतदान, मतदाताओं को धमकाने और धन वितरण के आरोप लगाए।
आदित्य साहू ने कहा कि यदि मतगणना में गड़बड़ी हुई तो भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे। उन्होंने प्रशासन पर मतदाता सूची और बूथ निर्धारण में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया।
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परिणाम तय करेंगे शहरी राजनीति की दिशा
राज्य के 48 निकायों में 43 लाख से अधिक मतदाताओं ने वोट डाला। कई स्थानों से तकनीकी शिकायतें और स्थानीय विवाद की खबरें आईं, लेकिन व्यापक स्तर पर मतदान शांतिपूर्ण रहा।
अब निगाहें मतगणना पर टिकी हैं। परिणाम यह तय करेंगे कि शहरी क्षेत्रों में किस दल का जनाधार मजबूत हुआ है और 2029 की राजनीति की बिसात पर कौन बढ़त बनाता है।