आरबीआई का भरोसा बढ़ा: 2026-27 की पहली-दूसरी तिमाही में तेज रहेगी आर्थिक रफ्तार

Anand Kumar
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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भारत की आर्थिक सेहत को लेकर सकारात्मक संकेत देते हुए वित्त वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ा दिया है। आरबीआई के अनुसार, अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि 6.9 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।आरबीआई ने यह संशोधन व्यापार समझौतों, जीएसटी युक्तिकरण और मजबूत कृषि उत्पादन को ध्यान में रखते हुए किया है। पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान अप्रैल में होने वाली अगली मौद्रिक नीति बैठक में जारी किया जाएगा, जिसमें अद्यतन आधार वर्ष 2024 के साथ नई जीडीपी और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) श्रृंखला को शामिल किया जाएगा।

2025-26 में भी मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद

मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार बेहतर राह पर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि 2025-26 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कहीं अधिक है।गवर्नर ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद निजी उपभोग और स्थिर निवेश ने देश की आर्थिक वृद्धि को मजबूत आधार प्रदान किया है।

कृषि, विनिर्माण और सेवाओं से मिलेगी मजबूती

आरबीआई गवर्नर के अनुसार, 2026-27 में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी रहने की संभावना है। कृषि क्षेत्र को जलाशयों के स्वस्थ स्तर, मजबूत रबी बुवाई और बेहतर फसल स्थिति से सहारा मिलेगा। वहीं, कॉरपोरेट क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन और असंगठित क्षेत्र में बनी गति से विनिर्माण गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।निर्माण क्षेत्र में भी तेज वृद्धि के संकेत हैं, जबकि घरेलू मांग के मजबूत होने से सेवा क्षेत्र की रफ्तार बनी रहेगी।

उपभोग और निवेश पर रहेगा जोर

मांग पक्ष पर बोलते हुए मल्होत्रा ने कहा कि 2026-27 में निजी उपभोग की गति बनी रहेगी, जबकि ग्रामीण मांग स्थिर रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जीएसटी युक्तिकरण और नरम मौद्रिक नीति के निरंतर समर्थन से शहरी उपभोग में सुधार देखने को मिलेगा।उन्होंने यह भी कहा कि उच्च क्षमता उपयोग, तेज बैंक ऋण वृद्धि, अनुकूल वित्तीय परिस्थितियां और बुनियादी ढांचे पर सरकार का लगातार जोर निवेश गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगा।

व्यापार समझौतों से मिलेगा निर्यात को सहारा

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि हाल में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) और प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते सहित अन्य व्यापार करार मध्यम अवधि में भारत के निर्यात को मजबूती देंगे। इसके अलावा, केंद्रीय बजट में घोषित कई उपाय भी आर्थिक वृद्धि के लिए अनुकूल रहने की संभावना है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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