झारखंड पुलिस की ट्रेनिंग पर सवाल, फायरिंग टेस्ट में एक-तिहाई जवान फेल, 34 तो एक भी निशाना नहीं भेद पाये

Anand Kumar
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Ranchi : रांची से एक ऐसी खबर सामने आयी है, जो झारखंड पुलिस की ट्रेनिंग व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े करती है।झारखंड आर्म्ड पुलिस 10 (जैप 10) परिसर में हाल ही में साक्षर आरक्षियों की सहायक अवर निरीक्षक के पद पर पदोन्नति के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया था। इस कोर्स में कुल 110 पुलिसकर्मी शामिल हुए थे। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद हुए मूल्यांकन में नतीजे बेहद निराशाजनक रहे। मात्र 72 जवान ही सफल घोषित हो सके, जबकि 38 असफल रहे।

यानी कुल मिलाकर एक-तिहाई से ज्यादा पुलिसकर्मी इस महत्वपूर्ण पदोन्नति परीक्षा में पास नहीं हो पाए।सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात फायरिंग टेस्ट की रही। असफल हुए 38 जवानों में से 34 फायरिंग में लक्ष्य पर एक भी सटीक गोली नहीं चला पाये। यानी बुनियादी निशानेबाजी कौशल में ही इतनी बड़ी कमी सामने आई, जो एक सशस्त्र बल के लिए गंभीर चिंता का विषय है

बाकी असफलताएं भी कम चिंताजनक नहीं हैं। कुछ पुलिसकर्मी लिखित परीक्षाओं में पास नहीं हो सके, जहां उन्हें विभागीय नियम-कानून, कानूनी प्रावधानों की जानकारी, जंगल एवं दुर्गम इलाकों में दिशा-ज्ञान (नेविगेशन), युद्ध कौशल, क्षेत्रीय मुकाबला रणनीति, आपात स्थिति प्रबंधन और उग्रवादी हमलों से निपटने की क्षमता का आकलन किया गया। इन सभी क्षेत्रों में कमजोर प्रदर्शन दर्ज हुआ।

झारखंड जैसे राज्य में, जहां नक्सलवाद और अन्य सुरक्षा चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, पुलिसकर्मियों की ऐसी बुनियादी तैयारी की कमी न सिर्फ विभाग की छवि को धक्का पहुंचाती है, बल्कि राज्य की आंतरिक सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकती है।

यह घटना ट्रेनिंग की गुणवत्ता, इंस्ट्रक्टर्स की उपलब्धता, प्रैक्टिकल सेशन की संख्या और नियमित मूल्यांकन जैसे मुद्दों पर फिर से विचार करने की मांग करती है। उम्मीद है कि पुलिस मुख्यालय और सरकार इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेंगे और जवानों की क्षमता बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न आए।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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